आरा /भोजपुर 10 फरवरी।लोक सभा आम निर्वाचन, 2024 के निमित आज स्थानीय नागरी प्रचारणी सभागार, आरा में भोजपुर जिला अंतर्गत 32- आरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के सभी सातों विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के सेक्टर पदाधिकारियों एवं सेक्टर पुलिस पदाधिकारियों को जिला स्तरीय प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण का शुभारंभ जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, भोजपुर एवं पुलिस अधीक्षक, भोजपुर द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, भोजपुर एवं पुलिस अधीक्षक, भोजपुर द्वारा सभी उपस्थित सेक्टर पदाधिकारी/पुलिस पदाधिकारी को आगामी लोक सभा आम निर्वाचन, 2024 को निष्पक्ष , स्वतंत्र एवं भयमुक्त वातावरण में कराने तथा उनके कार्य एवं दायित्व का निर्वहन करने हेतु निदेशित किया गया! विदित हो कि भोजपुर जिला अंतर्गत कुल 219 सेक्टर पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। 192-संदेश विधान सभा में 32, 193-बड़हरा विधान सभा में 31, 194-आरा विधान सभा में 30, 195-अगिआँव (अ0जा0) विधान सभा में 30, 196-तरारी विधान सभा में 32, 197-जगदीशपुर विधान सभा में 29 एवं 198-शाहपुर विधान सभा में 35 सेक्टर पदाधिकारी की नियुक्त की गई है।
सभी सेक्टर पदाधिकारी/पुलिस पदाधिकारी को जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, भोजपुर, पुलिस अधीक्षक, भोजपुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी, भोजपुर, सहायक निर्वाची पदाधिकारी, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, आरा सदर एवं अवर निर्वाचन पदाधिकारी, जगदीशपुर द्वारा सेक्टर पदाधिकारियों के कार्य एवं दायित्व के बारे में बताया गया। साथ ही सभी सेक्टर पदाधिकारी को ई0वी0एम0 /वी0वी0पैट का हैंडस ऑन प्रशिक्षण दिया गया।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, भोजपुर द्वारा उक्त प्रशिक्षण में सभी सेक्टर पदाधिकारी/पुलिस पदाधिकारी के कार्य दायित्व से संबंधित निम्न निदेश दिये गये।
मतदान के पूर्व उत्तरदायित्व
1. सभी सेक्टर पदाधिकारी/पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहेंगे।
2. सेक्टर क्षेत्रान्तर्गत पदस्थापित एवं कार्यरत सभी बी.एल.ओ. एवं मतदान केन्द्र के निकटतम दस व्यक्तियों का दूरभाष/सम्पर्क नम्बर के साथ सूची प्राप्त कर सेक्टर क्षेत्र के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त करेंगे।
3. मतदान केन्द्र पर मूलभूत सुविधा यथा रैम्प, शौचालय, पेयजल, छायादार स्थान, विद्युत, उपस्कर, दूरभाष आदि संचार व्यवस्था का सही-सही पता लगाना।
4. मतदान केन्द्र के मतदान क्षेत्र के लोगों से टेलीफोन व मोबाईल संचार सम्पर्क प्राप्त करना एवं संचार सम्पर्क बनाए रखना।
5. निर्वाचकों को मतदाता सूची में अपने नाम एवं अन्य प्रविष्टि की जाँच कर आश्वस्त हो लेने हेतु प्रोत्साहित करना।
6. प्रत्येक भेद्यता वाले क्षेत्र के पाँच मुख्य व्यक्तियों के नाम एवं सम्पर्क नम्बर की जानकारी प्राप्त कर स्वयं भी उनके सम्पर्क में रहना।
7. कमजोर वर्ग के मतदाताओं वाले क्षेत्र के व्यक्तियों का नाम एवं टेलीफोन/मोबाइल नम्बर प्राप्त कर सम्पर्क में रहना।
8. सेक्टर क्षेत्र में चिन्हित भेद्य (vulnerable ) ग्राम/टोलों का विशेष रूप से भ्रमण करेंगे। भेद्य ग्राम/टोले के निर्वाचकों से सम्पर्क के आधार पर भयमुक्त मतदान की स्थिति के संबंध में संतुष्ट होंगे। यदि भेद्य ग्राम/टोले के निर्वाचकों के मतदान केन्द्र पर पहुँचने एवं मतदान करने में किसी प्रकार का भय हो, तो भय के कारणों की जाँचकर प्रतिवेदन विहित प्रपत्र में सहायक निर्वाची पदाधिकारी एवं विधि व्यवस्था कोषांग को उपलब्ध करायेंगे, ताकि भयमुक्त, स्वच्छ मतदान हेतु आवश्यक व्यवस्था की जा सके।
9. सेक्टर क्षेत्र के किसी ग्राम/टोले में यदि सामाजिक अथवा राजनैतिक तनाव की संभावना हो तो इसका अध्ययन कर सहायक निर्वाची पदाधिकारी एवं विधि व्यवस्था कोषांग को देंगे, ताकि आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की जा सके।
10. क्रिटिकल मतदान केन्द्र के साथ में चिन्हित मतदान क्षेत्र का विशेष भ्रमण कर (criticality) की सही स्थिति का पता लगाकर सूचित करेंगे।
11. कमजोर वर्ग, दलित, महादलित के ग्राम/टोले का विशेष रूप से भ्रमण करेंगे एवं भयमुक्त मतदान के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
मतदान की तिथि को उत्तरदायित्व:-
1. मतदान के दिन प्राप्त निदेशानुसार पूर्वाह्न 05ः00 बजे अचूक रूप से अपने-अपने सेक्टर क्षेत्र में पहुँचना आवश्यक है।
2. भ्रमण करते हुए पीठासीन पदाधिकारी से सम्पर्क स्थापित कर सभी मतदान केन्द्रों पर मतदान दल, सशस्त्र दल की उपस्थिति की जानकारी प्राप्त करना।
3. पीठासीन पदाधिकारी द्वारा सभी मतदान केन्द्रों पर मतदान के शुरू होने यानि 07.00 बजे पूर्वाह्न के कम से कम एक घंटा पूर्व ई.वी.एम./वी.वी.पैट के साथ अन्य अनिवार्य सामग्रियों के पीठासीन पदाधिकारियों को प्राप्त होने की जानकारी प्राप्त करना।
4. मतदान प्रारंभ होने के पूर्व सभी पीठासीन पदाधिकारी द्वारा माॅक पाॅल पूरा कर प्रमाण-पत्र भरने की जानकारी प्राप्त करना।
5. सभी मतदान केन्द्रों पर पीठासीन पदाधिकारी द्वारा मतदान हेतु पूर्वाह्न 07.00 बजे तक ई.वी.एम./वी.वी.पैट की तैयारी पूर्ण कर मतदान प्रारंभ होने की घोषणा किये जाने की जानकारी प्राप्त करना।
6. किसी मतदान केन्द्र पर यदि मतदान विलम्ब से शुरू हो तो, उस मतदान केन्द्र पर पहुँचकर पीठासीन पदाधिकारी से सम्पर्क कर विलम्ब के कारणों की सही जानकारी प्राप्त करना एवं जिला नियंत्रण कक्ष को दूरभाष/मोबाइल/वितंतु से सूचित करना।
7. मतदान के क्रम में किसी गड़बड़ी यथा विधि व्यवस्था, तनाव की संभावना वाले मतदान क्षेत्र का पता लगाना एवं भ्रमण कर शांतिपूर्ण मतदान हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना।
8. कमजोर वर्ग, दलित, महादलित के ग्राम/टोले का भ्रमण कर निर्वाचकों को भयमुक्त मतदान करने में आवश्यक सहयोग प्रदान करना।
9. भेद्य (vulnerable ) ग्राम/टोले के निर्वाचकों से सम्पर्क स्थापित कर उन्हें भयमुक्त मतदान करने में सहयोग करना।
10. प्रति दो घंटे के अन्तराल पर मतदान की संख्या एवं प्रतिशत की सूचना जिला नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराना।
11. भेद्य ग्राम/टोले के निर्वाचकों के चेक स्लिप के आधार पर निर्वाचकों की संख्या, मतदान एवं प्रतिशत की जानकारी उपलब्ध कराना।
12. पीठासीन पदाधिकारी द्वारा मृत, अनुपस्थित एवं मतदान क्षेत्र के स्थानान्तरित निर्वाचकों के मतदान के संबंध में बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की जाँच करना।
13. डाक मतपत्र निर्गत निर्वाचकों एवं निर्वाचन कर्तव्य प्रमाण-पत्र प्राप्त स्थितियों के संबंध में पीठासीन पदाधिकारियों द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों पर ध्यान देना आदि।


