
RKTV NEWS/पटना ( बिहार)30 मार्च।बिहार का औद्योगिक परिदृश्य तेजी से गति पकड़ रहा है, जहां नए निवेश सीधे तौर पर बुनियादी ढांचे के निर्माण, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में परिवर्तित हो रहे हैं।उद्योग मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देशानुसार परियोजना स्वीकृति समिति (PCC) के हालिया निर्णय इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जिनके तहत इशिका पेपर एंड पैकेजिंग प्रा0 लि0 (ISHIKA Paper and Packaging Private Limited) की परियोजना को भूमि आवंटन के माध्यम से ₹38 करोड़ से भी अधिक का निवेश हो रहा है।
उद्योग मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि भोजपुर में इस इकाई का निवेश बिहार के तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक परिदृश्य का स्पष्ट संकेत है। ₹38 करोड़ से अधिक के इस निवेश से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि पैकेजिंग एवं विनिर्माण क्षेत्र को भी नई गति मिलेगी। BIADA के माध्यम से त्वरित भूमि आवंटन और अनुमोदन की प्रक्रिया ने राज्य को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है।”
उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा एवं आईडा के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार ने कहा कि बिहार सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल एवं निवेशक-हितैषी वातावरण विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि BIADA के माध्यम से निवेशकों को पारदर्शी, सरल एवं त्वरित प्रक्रियाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उद्योग स्थापना में तेजी आ रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं राज्य में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों को दर्शाती हैं और बिहार विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित कर रहा है। सरकार का उद्देश्य औद्योगिक विकास के माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना तथा राज्य के समग्र आर्थिक विकास को नई दिशा देना है।
बैठक में ISHIKA Paper and Packaging Private Limited द्वारा भोजपुर जिले के बिहिया में प्रस्तावित कॉरुगेटेड बॉक्स (कार्डबोर्ड बॉक्स) निर्माण इकाई को स्वीकृति प्रदान की गई। यह परियोजना राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रस्तावित इकाई लगभग 3.28 एकड़ (142860 वर्गफुट) क्षेत्र में स्थापित की जाएगी, जिसमें कुल ₹38.01 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।
यह स्वीकृति बिहार को एक उभरते औद्योगिक एवं विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


