पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 28 जनवरी। सूबे में सियासी उलट फेर के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार 9वीं बार बने मुख्यमंत्री। हालांकि इस टर्म (2020-2025) में वे तीसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागठबंधन से नाता तोड़ पुनः भाजपा से नाता जोड़ लिया है। उन्होंने आज महागठबंधन सरकार का इस्तीफा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को सौंप दिया। भाजपा ने भी राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के समक्ष जदयू को समर्थन देने का पत्र सौंपा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भाजपा के साथ नये गठबंधन मे सरकार बनाने का दावा राज्यपाल के समक्ष पेश किया। 28 जनवरी 2024 को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने संविधान के अनुच्छेद 164 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नीतीश कुमार को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। नीतीश कुमार ने 28 जनवरी 2024 के अपराह्न में अपना पद ग्रहण किया तथा अपने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। साथ ही मुख्यमंत्री के सलाह पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने संविधान के अनुच्छेद 164 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिंहा, विजय कुमार चौधरी विजेंद्र प्रसाद यादव, डॉ प्रेम कुमार, श्रवण कुमार, संतोष कुमार सुमन और सुमित कुमार सिंह को राज्य के मंत्री के पद की शपथ दिलाई एवं मंत्री परिषद का सदस्य नियुक्त किया। भाजपा कोटे से सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिंहा को उप मुख्यमंत्री बनाया गया है।
वर्तमान विधान सभा टर्म 2020-25 में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने भाजपा के साथ चुनाव लड़ा और भाजपा-जदयू दोनो ने मिलकर सरकार बनाई। 16 नवंबर 2020 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और सातवीं बार मुख्यमंत्री बने। इसके बाद एक बार फिर उनका मन भाजपा से भर गया और उन्होंने पुनः राजद से नाता जोड़ लिया। जदयू ने राजद के समर्थन से सरकार बनाई। 9 अगस्त 2022 को नीतीश कुमार आठवीं बार मुख्यमंत्री बने। एक बार फिर राजद से उनका मोह भंग हो गया। पुनः उन्होंने अपने पुराने सहयोगी भाजपा से हाथ मिलाया और भाजपा के समर्थन से 28 जनवरी 2024 को नीतीश कुमार 9वीं बार मुख्यमंत्री बने।

