आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)24 जनवरी।जननायक कर्पूरी ठाकुर की 100 वीं जयंती के अवसर पर उन्हें मरणोपरांत” भारत रत्न” की उपाधि से सम्मान देने के केंद्र सरकार के निर्णय का हम स्वागत करते हैं।
अपने मुख्य मंत्रित्व के दूसरे कार्यकाल में माननीय कर्पूरी जी ने अस्थाई शिक्षकों के 79 दिनों के धरना सत्याग्रह को समाप्त कराते हुए 19/11/77 को लगभग 3000 कालेज शिक्षकों की सेवा स्थाई करने का एतिहासिक निर्णय लिया। जिसमें कोई जाति विभेद नहीं। अस्थाई शिक्षकों के दर्द को कोई जमीनी नेता हीं समझ सकता था। उनके इस मानवीय कदम को वे शिक्षक जीवन के अंतिम सांस तक भी भूल नहीं सकेंगे।
उन शिक्षकों का नेतृत्व करने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ था।सभी शिक्षको की ओर से जननायक कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। ऐसे महामानव को कोटि-कोटि नमन।


