आरा/भोजपुर 19 जनवरी। ऐसी घंटी न बजे….उक्त शब्दों का द्वरीत स्वरों से उच्चारण करते हुए बड़हरा विधानसभा पूर्व प्रत्यासी सह जन अधिकार पार्टी के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ बिहार प्रदेश अध्यक्ष रघुपति यादव ने सदर अस्पताल आरा के परिसर में प्रशव के दौरान मृत पड़ी प्रसूता पिरौटा निवासी गरीब मजदूर शैलेंद्र कुमार यादव की पत्नी नीतू देवी के शव के पास रोते बिलखते परिजनों को देख कर कही।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए रघुपति यादव ने बताया की उक्त महिला परिजनों संग प्रसव कराने सदर प्रखंड स्तिथ अस्पताल में आई थी जहां उनके परिजनों ने बताया की डॉक्टरों और नर्सों की लापरवाही के कारण उसकी हालत बिगड़ गई और उसे सदर अस्पताल आरा में रेफर कर दिया गया जहां सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया जिसकी सूचना देर रात्रि में परिजनों द्वारा मुझे दूरभाष के माध्यम से दी गई साथ ही उनके पति शैलेंद्र यादव ने रोते हुए अपनी गरीबी और सदर अस्पताल की कुव्यवस्था से परेशान और लाचार हो मुझे अस्पताल पहुंचने का आग्रह किया गया।उन्होंने बताया की अस्पताल पहुंचने पर परिजनों ने बताया की शव को गांव ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस के लिए वो घंटो से परेशान है जहां एंबुलेंस चालकों द्वारा तरह तरह की बहाने बाजी की जा रही है और निजी एंबुलेंस सेवा लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है और संचालित हेल्प लाइन नंबर भी सिर्फ खानापूर्ति मात्र ही है।
रघुपति यादव ने बताया की देर रात्रि उन्होंने काफी मसकतों के बाद सरकारी एंबुलेस की व्यवस्था करा परिजनों को प्रसूता के शव के साथ उनके गांव भेजा।
दलालों को नही है मलाल
रघुपति यादव ने कहा की सदर अस्पताल में दलालों का कब्जा है जिसका साथ अस्पताल प्रशासन बखूबी निभा रहा है गरीबों के इलाज से लेकर उनके शव तक ले लिए सरकारी चिकित्सा व्यवस्था और एंबुलेंस के लिए उन्हें निजी अस्पताल संचालकों और एंबुलेंस के लिए मजबूर किया जा रहा है।जिसके कारण गरीब तबके के लोग आए दिन इनके शिकार और परेशान हो रहे है जो सदर अस्पताल की सरकारी सुविधाओं पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है और गरीबों के हो रहे शोषण से न तो अस्पताल प्रशासन को मलाल है न ही दलालों को।

जांच की की मांग
रघुपति यादव ने नीतू देवी के परिजनों द्वारा डॉक्टरों और नर्सों द्वारा हुई लापरवाही के कारण मृत्यु पर जिले के सिविल सर्जन और जिला प्रशासन से उक्त प्रसूता की हुई मृत्यु में लापरवाही की जांच की मांग करते हुए उनके परिजनों को मुआवजा देने की मांग के साथ ही सूबे के स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री से सदर अस्पताल में फैली कुव्यवस्था पर संज्ञान लेने की भी मांग की है।
सभी राजनीतिक दलों से की अपील
पूर्व प्रत्यासी रघुपति यादव ने जिले के सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से निवेदन पूर्वक अपील करते हुए उन्हें सदर अस्पताल आरा में फैली अराजकता के खिलाफ एकजुट होने की बात कही है।उन्होंने कहा है की आम जनता के इलाज निर्मित आरा सदर अस्पताल सिर्फ दलालों का अड्डा बना हुआ है जहां किसी के भी जान की कीमत नही है सभी पैसे के लोभ में अपने जमीर का सौदा कर रहे है वो चाहे चिकित्सक हो या अन्य कर्मचारी उनमें अब मानवता नही बची है जिसके कारण गरीब और असहाय आशा भरी निगाहों से इस सिस्टम को सुधारने के लिए हमारी ओर देख रहे है और हमसे आशा कर रहे है की उन्होंने जो हमे अपना प्रतिनिधित्व करने की ताकत हमे दी है उसका हम उपयोग करें ताकि कभी भी दिन हो या देर रात्रि किसी की लाचारी और बेबसी की घंटी न बजे।
रघुपति यादव के साथ उक्त परिजों की सहायता हेतु उनके सहयोगियों के रूप में रंगलाल यादव, अशोक यादव,नन्हे यादव, गणेश यादव, सुनिल यादव आदि उपस्थित थे।
