जीविका दीदियों की कलाकृतियों से आकर्षित हो रहे लोग।
स्वदेशी रूप से बांस से बने हस्तशिल्प की बढ़ रही मांग।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से लोगो का हो रहा मनोरंजन
पटना/बिहार 26 दिसंबर।सरस मेला शिल्प एवं कला का अनूठा संगम है, जहाँ जीविका अपने देश के विभिन्न राज्यों की हस्तशिल्प , कलाकृतियों , संस्कृति, परंपरा और आहार-व्यवहार के कई रंग एक ही कैनवास पर दिखा रही है। गाँधी मैदान, पटना के कैनवास पर उकेरे गए सरस मेला में ग्रामीण शिल्प का विभिन्न रंग और आयाम देखने को मिल रहा है l बिहार सरस मेला में ग्रामीण शिल्प एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ ही सामाजिक कुरीतिओं के उन्मूलन, लोक संस्कृति के तहत लोक गीत-नृत्य को प्रोत्साहन और सरकार द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के प्रति जन- जागरूकता अभियान भी जारी है l ग्रामीण शिल्प और उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री के उद्देश्य से सरस मेला 15 दिसंबर से 29 दिसंबर 2023 तक ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार के तत्वाधान में जीविका द्वारा आयोजित है।
सरस मेला के समापन में महज तीन दिन शेष हैं लिहाजा लोग जमकर खरीददारी कर रहे हैं।
बिहार सरस मेला के 11 वें दिन सोमवार को 25 दिसंबर को लगभग 1 करोड़ 59 लाख 46 हजार रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई है।
11 दिनों में खरीद-बिक्री का आंकड़ा 11 करोड़ पर कर गया।15 दिसंबर से 25 दिसंबर 2023 तक 11 करोड़ 29 लाख 30 हजार रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद बिक्री हुई है l खरीद –बिक्री का आंकड़ा स्टॉल धारकों से लिए गए आंकड़ो पर आधारित होता है l
सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत मुख्य मंच पर मुस्कान सांस्कृतिक मंच के कलाकारों द्वारा लोक गीतों पर आधारित कार्यक्रम की प्रस्तुति की गई। शीवम सागर ने “भोले ओ भोले एवं दिल ना तोड़ो -मुस्कुरा के कहो” एवं कव्वाली- देर ना हो जाये समेत कई गीतों की प्रस्तुति कर दर्शकों की वाहवाही लुटी। मंच संचालक गुलाम सिमानी रहे।
बाइस्कोप को बच्चे अपने मम्मी-पापा को उनके ज़माने की टीवी बता रहे हैं और महज दस रुपये में अपने देश की धरोहर से रूबरू हो रहे हैं।
नुक्कड़ नाटक के तहत महिला एवं बाल विकास के तत्वाधान में ठिठोली सामाजिक एवं सांस्कृतिक दर्पण द्वारा बाल विवाह एवं दहेज़ प्रथा उन्मूलन के साथ ही सामजिक कुरीतियों के निवारण हेतु दर्शकों को जागरूक किया। कलाकारों में फिरोज अहमद , देवेन्द्र कुमार, रंजीत सिंह, लालन यादव, रविन्द्र कुमार स्वेता कुमारी रंजू कुमारी, तालिब अहमद , रिशा कुमारी , एजाज अहमद एवं मुमताज अहमद रहे।
सेमिनार हॉल में पी.सी.आई एवं सखी के संयुक्त तत्वाधान में बिहार में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की चुनौतियों एवं अवसर पर चर्चा हुई। इस चर्चा कार्यक्रम में सरस मेला में बतौर उद्यमी आई स्वयं सहायता समूह से जुडी महिलायें उपस्थित थीं। सुमन सिंह , सचिव-सखी तथा शाश्वत राज एवं ओम प्रकाश , पी.सी.आई से बतौर विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

जीविका दीदियों की कलाकृतियों से आकर्षित हो रहे लोग।
स्वदेशी रूप से बांस से बने हस्तशिल्प की बढ़ रही मांग।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से लोगो का हो रहा मनोरंजन