बाईस्कोप की दुनिया से लोग हो रहे रूबरू।
मुस्कान सांस्कृतिक मंच के बबलू खान ने सेक्साफोन के धुनों से बांधा समां।
पटना/बिहार 25 दिसंबर।ग्रामीण शिल्प एवं उत्पाद की खरीददारी से लेकर देशी व्यंजनों के लुत्फ़ उठाने के साथ ही बड़ा दिन की छुट्टी परिवार के साथ मनाने के लिए बिहार सरस मेला लोगों के लिए खुबसूरत स्थल बना। बिहार सरस मेला प्रांगण l पटनाइट्स समेत अन्य जिलों से भी लोग भागदौड़ की जिंदगी से इतर अपने परिवार के साथ बिहार सरस मेला में पधारे। 25 दिसंबर को भी बड़ी संख्या में लोग आये और अपने मनपसंद उत्पादों की खरीददारी की तथा स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ़ उठाया।बच्चों ने 360 फोटो बूथ, फन ज़ोन और पालना घर में जमकर मस्ती की।
ग्रामीण शिल्प एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ ही पारंपरिक लोक गीत एवं लोक नृत्य को भी सरस मेला के माध्यम से प्रोत्साहन मिल रहा है l सांस्कृतिक मंच पर प्रतिदिन पारंपरिक लोक गीत एवं नृत्यों की प्रस्तुति दर्शकों को गाँव एवं संस्कृति से जोड़ रही है l बिहार सरस मेला परिसर में हमारे देश के विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति, परंपरा, शिल्प एवं व्यंजनों की प्रस्तुति एवं खरीद-बिक्री ने स्वयं सहायता समूह से जुडी महिला उद्यमियों की हौसलाफजाई की है l इस आयोजन से ग्रामीण शिल्प एवं उत्पाद को प्रोत्साहन एवं बाज़ार तो मिल ही रहा है देशी एवं पौष्टिक व्यंजन, तथा आयुर्वेदिक पौधे भी बहुतायत मात्रा में बिक रहे हैं l विभिन्न विभागों , संस्थानों एवं बैंको के स्टॉल पर आगंतुकों को कई प्रकार की योजनाओं से रूबरू कराया जा रहा है l जीविका दीदियों द्वारा 4 ग्राहक सेवा केंद्र संचालित हैं।
बिहार सरस मेला ग्रामीण विकास विभाग के तत्वाधान में जीविका द्वारा 15 दिसंबर से 23 से जारी है l सरस मेला का समापन 29 दिसंबर 2023 को होगा l
बिहार सरस मेला के 10 वें दिन रविवार 24 दिसंबर को लगभग 1 करोड़ लाख 71 लाख 24 हजार रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई है। खरीद –बिक्री का आंकड़ा स्टॉल धारकों से लिए गए आंकड़ो पर आधारित होता है।15 दिसंबर से 24 दिसंबर 2023 तक लगभग 16 लाख 67 हजार लोग मेला में आये और खरीददारी के साथ ही देशी व्यंजनों का लुत्फ़ उठाया।
25 दिसंबर को खरीद-बिक्री का कुल आंकड़ा 10 करोड़ पार कर जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत मुख्य मंच पर मुस्कान सांस्कृतिक मंच के कलाकारों द्वारा लोक गीतों पर आधारित कार्यक्रम की प्रस्तुति की गई।बबलू खान ने सेक्सोफ़ोन से मधुर गीतों की प्रस्तुति से बड़ा दिन का शमा बांधा l मंच संचालक गुलाम सिमानी रहे। संध्या समय में कला संस्कृति एवं युवा विभाग के तत्वाधान में लोक गीत एवं भजन की प्रस्तुति की गई l कलाकारों में सोहराई कुमार निराला और सुभाष प्रसाद साव ने लोक गीतों गाकर गाँव की याद और पारम्परिक लोक गायन की यादें ताज़ा कराई।बाइस्कोप आकर्षण का केंद्र है।
नुक्कड़ नाटक के तहत महिला एवं बाल विकास के तत्वाधान में ठिठोली सामाजिक एवं सांस्कृतिक दर्पण द्वारा “वाह बटोही वाह” नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गई।नाटक के माध्यम से बाल विवाह एवं दहेज़ प्रथा उन्मूलन के साथ ही सामजिक कुरीतियों के निवारण हेतु दर्शकों को जागरूक किया। कलाकारों में फिरोज अहमद , देवेन्द्र कुमार, रंजीत सिंह, लालन यादव, रविन्द्र कुमार स्वेता कुमारी रंजू कुमारी, तालिब अहमद , रिशा कुमारी , एजाज अहमद एवं मुमताज अहमद रहे l

बाईस्कोप की दुनिया से लोग हो रहे रूबरू।
मुस्कान सांस्कृतिक मंच के बबलू खान ने सेक्साफोन के धुनों से बांधा समां।