सिवान/बिहार 11 दिसंबर।अखिल भारतीय शांति एकजुटता संगठन (एप्सो) के तत्वावधान मे स्थानीय जिला कन्हैया लाल केंद्रीय पुस्तकालय के सभागार में साम्राज्यवादी संघर्ष एवम इजरायली नरसंहार के विरुद्ध संगोष्ठी का आयोजन किया गया इसकी अध्यक्षता एप्सो के जिला अध्यक्ष शायर कमर सिवानी ने की। सर्वप्रथम एप्सो के महासचिव मनीष प्रसाद सिंह ने एप्सो के कार्य कलापो की चर्चा करते हुए उपस्थित लोगो का स्वागत किया।कार्यक्रम का विषय प्रवेश करते हुए मार्कण्डेय ने कहा कि वर्तमान सरकार देश के घोषित गुटनिरपेक्षता के नीतियों का परित्याग कर आज अमेरिका ब्रिटेन फ्रांस इटली का पिछलग्गू बन गई है।देश के अंदर एक तरफ सांप्रदायिक एजेंडो को आगे बढ़ाया जा रहा है। देश मे प्राप्त जनता के अधिकारो में फिलीस्तीन में मारे जा रहे निर्दोष लोगो की हम तीव्र भर्त्सना करते हैं अमेरिका की शह पर स्कूल और अस्पताल पर बंब गिराए जा रहे हैं फिलीस्तीन क्षेत्र के नागरिक को विस्थापित करने की कारवाही चल रही है मौतों का आंकड़ा लगभग 15000 से ऊपर पहुंच गया है जिसमे बड़ी संख्या में बच्चे एवम बूढ़े शामिल है।निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने वाले लगभग 50 पत्रकार मौत के घाट उतारे जा चुके है सभी तरह की लोकतांत्रिक प्रक्रिया समाप्त कर वहा से हटाना ही मुख्य उद्देश्य है ।वरिष्ठ अधिवक्ता जगदीश प्रसाद सिंह ने कहा कि अब तक दुनिया में जितने भी निर्दोष लोगो कि मौत हुई है अमेरिका के खाते में दर्ज होगी। युगल किशोर दुबे ने कहा कि केंद्र सरकार को अमरीकापक्षाभिमुखी नीतियों को छोड़कर इजरायली नरसंहार का ईमानदारी से विरोध करना चाहिए। डॉक्टर के एहतेशाम अहमद तथाकथित विकसित देश ने अपने स्वार्थ के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ को अप्रशंगिग बना दिया है इजरायली अमेरिकी गठजोड़ से वहा सभी लोकतांत्रिक दरवाजा को बंद कर दिया है रविन्द्र सिंह अधिवक्ता ने साम्राज्यवादी षड्यंत्रों की पहचान करते हुए कहा कि फिलीस्तीन की समस्या एकाएक पैदा नही हुई है ब्रिटेन अमेरिका देश ने मिलकर पैदा किया है। विचार व्यक्त करने वाले में डॉक्टर हारून शैलेंद्र प्रो उपेन्द्र नाथ यादव कमलेश्वर ओझा डॉक्टर अनिल श्रीवास्तव शशि कुमार, दया शंकर द्विवेदी, डॉक्टर इकबाल प्रसाद , विभूति राम,राजेंद्र मांझी, श्री राम सिंह , नीरज कुमार अधिवकता,नीरज यादव थे। शायर कमर सिवानी के अध्यक्षीय भाषण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ!

