माता-पिता का आशीर्वाद,इष्ट मित्रों की दुआ और सरकार की सक्रियता से मिली जिन्दगी:सबाह अहमद
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)02 दिसंबर।मौत के मुंह से निकल कर बाहर आए सौभाग्यशाली सबाह अहमद को बधाई और सम्मानित करने के लिए भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी भोजपुर जिला इकाई की टीम सहार प्रमंडल के पेऊर गांव में उनके निवास स्थान पर जाकर बधाई और शुभकामनाएं दी। बताते चले कि यह कार्यक्रम रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रेसिडेंट सह महामहिम राज्यपाल के निर्देशानुसार और राज्य शाखा के सूचना पर किया गया।
टीम का नेतृत्व भोजपुर जिला इकाई की सचिव डॉक्टर विभा कुमारी ने किया। इनके साथ संरक्षक लाल दास राय,उप संरक्षक सरफराज अहमद,चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर बीपी सिंह, पूर्व सचिव डॉक्टर दिनेश प्रसाद सिन्हा उपस्थित रहे। 17 दिनों की मानसिक और शारीरिक यातना के बाद टनल में काम करने वाले 41लोग सरकार की सक्रियता,माता पिता का आशीर्वाद और हित मित्रों की दुआओं के बल पर सकुशल वापस आये। इसी खुशी में बिहार के महामहिम के संदेश को पहुंचाने के लिए, उनका हौसला बढ़ाने के लिए, सकुशल वापसी के लिए सबाह सम्मानित किए गए।
सबाह अहमद को बुके,साल तथा महामहिम का संदेश और रेडक्रॉस परिवार की शुभकामनाएं प्रेषित की गयी।
सबाह अहमद ने बातचीत के क्रम में बताया कि हमारे सभी साथी एक पर एक टनल में गड़बड़ी आने के कारण फंस गए। किसी प्रकार मोबाइल से संपर्क कर सूचना दी गई जिसके बाद से कंपनी से लेकर राज्य सरकार और देश के सभी शुभचिंतकों में हाहाकार मच गई। 41 सदस्यों में बिहार के मात्र पांच सदस्य थे जबकि अन्य सभी दूसरे राज्य के। सभी राज्य के मुख्य मंत्रियों और सरकार से लगातार संपर्क प्रारंभ हो गया कि किसी तरह से फंसे लोगों को बाहर निकाला जाए।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और उनके पदाधिकारी लगातार कंपनी से लेकर टनल में फंसे कर्मचारियों से संपर्क में रहे और शराब छोड़कर सभी मनपसंद खाने का सामान की आपूर्ति होते रही। भरोसा दिलाया कि सरकार सबको सुरक्षित बाहर निकाल लेगी। जो अंतत 17 दिनों के बाद बाहर सकुशल आ गए उसके बाद से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने बातचीत हुई ।स्वास्थ्य की जांच के बाद एयरपोर्ट पहुंचने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई।
सभी राज्यों के मुख्यमंत्री एवं उनके पदाधिकारी अपने-अपने राज्यों के कर्मचारियों से बातचीत करते रहे और उनका हौसला बढ़ाते रहे ,आकर मिले लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री ने ना तो कोई फोन किया ना कोई खोज खबर लिया ना ही कोई पदाधिकारी मिलने के लिए आए। इस बात का बहुत ही मन में मलाल है। सबाह ने बताया कि पता चला कि कोई मंत्री आए हैं जिनका नाम नहीं जानते हैं आए और मेरा नाम पता पूछ कर फिर चले गए फिर कोई नहीं आया।
रेड क्रॉस के पदाधिकारी से मिलकर सबाह ने बताया कि मैं पटना रेड क्रॉस सोसायटी से जुड़ा हूं और फर्स्ट एड का ट्रेनिंग भी लिया हूं ।जिसके कारण टनल के लोगों का हौसला बढ़ाते रहा, जानकारी भी देते रहा और खुशी-खुशी जीवन जीने का संदेश देते रहा। धामी सरकार का शुक्रिया है कि खाने पीने से लेकर मनोरंजन के सारे सभी सुविधाओं को उपलब्ध कराया पाईप के माध्यम से। उत्तराखंड के सरकार द्वारा एक लाख का चेक, कंपनी द्वारा दो लाख का चेक और एक माह का अग्रिम पेमेंट किया गया।
इन्होंने बताया कि आज राज्य के पांच सदस्यों से बात किया और पूछा की भाई क्या हम लोगों के बारे में सरकार कुछ सोच रही है या कोई जानकारी है तो इन लोगों ने बताया कि यहां सभी सुखाड हो गया है। मतलब सरकार से कोई भी सुविधा या राशि या आश्वासन तक की भी कोई जानकारी नहीं दी गई है। खैर सहयोग या पैसे की बात नहीं है लेकिन सद्भावना भी तो अपने राज्य के लोगों के प्रति चाहिए। यह पीड़ा दायक है। इस मौके पर गांव के बहुत से लोग, प्रतिनिधि आदिब रिजवी आदि उपस्थित रहे।


माता-पिता का आशीर्वाद,इष्ट मित्रों की दुआ और सरकार की सक्रियता से मिली जिन्दगी:सबाह अहमद