बागपत/उत्तर प्रदेश 30 अक्टूबर। जिला मजिस्ट्रेट जितेंद्र प्रताप सिंह व पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन कार्यों अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था की मासिक समीक्षा बैठक कर अभियोजन अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए जनपद में गैंगस्टर के 646 मुकदमे लंबित हैं जिसमें से पूर्व में 30 मुकदमों में से 42 लोगों पर कुर्की की कार्यवाही की गई है नए मुकदमों में मकान संपत्ति को जप्त करते हुए कुर्की की जाए कोई भी मामला लंबित न रखा जाए त्वरित गति के साथ मुकदमा को निपटाया जाए। जिला मजिस्ट्रेट ने महिला अपराधों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश देते हुए अभियोजन विभाग के अधिकारियों से कहा कि शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन किया जाए। मुकदमों में प्रभावी तरीके से पैरवी की जाए, महिलाओं से संबंधित जो मुकदमे हैं जैसे हत्या ,अपहरण, बलात्कार जैसी घटनाओं का चार्ट अलग बनाया जाए। उन्होंने आपराधिक मामलों में लिप्त अपराधियों को सजा दिलाने हेतु न्यायालयों में मुकदमों की प्रभावी ढंग से पैरवी करने के लिये अभियोजन अधिकारियों को कडे़ निर्देश दिए। उन्होंने अभियोजन अधिकारियों से कहा कि गैंगस्टर, महिलाओं और बच्चों से संबंधित आपराधिक मामलों का निर्धारित समयावधि के अंतर्गत निस्तारण कराया जाना सुनिश्चित करें। लंबित मामलों की सूची तैयार करते हुए व्यापक कार्य योजना तैयार कर लंबित मामलों का निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए की जो युवा नौकरी पा रहे हैं उनके चरित्र सत्यापन को किसी भी हाल में लंबित न रखा जाए समय अवधि के अंतर्गत उनका चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र अवश्य बन जाना चाहिए इसमें कोई भी लापरवाही ना हो जो अधिकारी ऐसी लापरवाही करेंगे उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी पंकज वर्मा पुलिस क्षेत्र अधिकारी हरीश भदोरिया संयुक्त निदेशक अभियोजन एडीजीसी सहित आदि उपस्थित रहे।
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