
नारनौल/हरियाणा 30 अक्टूबर। राज्य सरकार दक्षिणी हरियाणा में लगातार नहरों की क्षमता बढ़ाने का कार्य कर रही है। पानी की कमी से जूझ रहे महेंद्रगढ़ जिला के लिए सरकार ने व्यवस्था की धारा को मोड़कर इस इलाके के पाताल में जा रहे भूजल स्तर को न केवल वहीं पर रोका बल्कि उसे ऊपर उठाने का काम किया है। यह बात मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए हुई 55वीं हरियाणा राज्य तकनीकी सलाहकार समिति की बैठक में कही। इस बैठक में उपायुक्त मोनिका गुप्ता (आईएएस) ने जिला महेंद्रगढ़ में अब तक हुए काम के बारे में प्रगति रिपोर्ट दी।
सीएम ने कहा कि जिला महेंद्रगढ़ के लिए 26.9 करोड़ की पांच नई परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। इन सभी परियोजनाओं को एक निश्चित अवधि में पूरा करवाया जाए।
उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का पानी दक्षिणी हरियाणा की नदियों में डालने से जल स्तर में बहुत बड़ा बदलाव आया है। सरकार का लक्ष्य केवल जल स्तर में सुधार ही नहीं है बल्कि लोगों को पानी का समझदारी पूर्वक उपयोग करने की आदत डालना भी है। इसी कड़ी में सरकार मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा दे रही है।
इस बैठक में एसई राजेश खत्री, डीआरओ सुशील शर्मा, डीडीपीओ आशीष मान, एक्सईएन नितिन भार्गव, एक्सईएन अजेंद्रा सुहाग, एक्सईएन आशुतोष यादव, एक्सईएन प्रमोद शर्मा के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इन परियोजनाओं को मिली है मंजूरी
वीडियो कान्फ्रेसिंग के बाद महेंद्रगढ़ जिला के नए प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए उपायुक्त मोनिका गुप्ता (आईएएस) ने बताया कि 55वीं हरियाणा राज्य तकनीकी सलाहकार समिति की बैठक में कुल पांच परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।
पानी रिचार्ज के लिए 22 करोड़ की लागत से एक नए प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। इसके तहत बारिश के सीजन में अतिरिक्त पानी को नारनौल-महेंद्रगढ़ ब्रांच के पंप हाउस नंबर 3-4 के बीच से 1800 एम एम की पाइप लाइन डालकर कृष्णावती नदी में डाला जाएगा। इससे महेंद्रगढ़ व रेवाड़ी के 10 हजार एकड़ सूखा प्रभावित क्षेत्र को फायदा होगा। वहीं झज्जर व गुरुग्राम की बाढ़ प्रभावित 18 हजार एकड़ में फायदा होगा।
उन्होंने बताया कि जल का संरक्षण और पुन: उपयोग के लिए नांगल चौधरी निर्वाचन क्षेत्र के गांव दताल, सरेली, रोपड़ सराय, दोखेरा, पांचनोता, धोलेड़ा और ब्राह्मणवास में स्टोन पिचिंग और स्पिल वे के निर्माण पर कुल 2 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा अटेली निर्वाचन क्षेत्र के गांव रामपुरा में स्टोन पिचिंग और स्पिल वे के निर्माण की योजना पर भी लगभग 2 करोड रुपए खर्च होंगे।
रामपुरा डिस्ट्रीब्यूटरी को जोड़ने के लिए 62.00 लाख की लागत आएगी। इसके लिए 1200 एमएम व्यास आरसीसी पाइपलाइन के माध्यम से महेंद्रगढ़ नहर से कनेक्ट किया जाएगा।
इसी प्रकार 30 लाख रुपए की लागत से बसई को जोड़ने की योजना है। इसे भी 1200 एमएम व्यास आरसीसी पाइपलाइन के माध्यम से महेंद्रगढ़ नहर से जोड़ा जाएगा।
