हनुमानगढ़/राजस्थान 26 अक्टूबर। पटाखों से न केवल ध्वनि प्रदूषण होता है, बल्कि इससे अत्यधिक वायु प्रदूषण भी बढ़ जाता है। ध्वनि प्रदूषण के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण, भोपाल द्वारा पारित आदेशों कि पालना में 12 नवंबर को मनाए जाने वाले दीपावली त्योहार के दृष्टिगत जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट रूक्मणि रियार ने निर्देश जारी किए हैं ।
जिला कलेक्टर ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय अनुसार रात्रि समय 10.00 से प्रातः 6.00 बजे तक कि अवधि में ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखों का उपयोग प्रतिबन्धित किया जाए, इसी सिलसिले में पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन द्वारा पटाखों में उपयोग में लाये जाने वाले विस्फोटक पदार्थो के रासायनिक फॉरमूले / सविन्यास तथा मात्रा संबंधित निर्देशों कि पालना सुनिश्चित की जाए। ध्वनि उत्सर्जित करने वाले पटाखे शान्त परिक्षेत्र या रात्रि समय में नहीं चलाए जाएंगे।
ग्रीन आतिशबाजी बिक्री की अनुमति
दीपावली पर्व के सम्बन्ध में पूर्व में गृह विभाग द्वारा जारी संसोधित परामर्शदात्री अनुसार एनसीआर क्षेत्र को छोड़ते हुए सम्पूर्ण राजस्थान में केवल ग्रीन आतिशबाजी के बेचने व चलाने की अनुमति होगी। ग्रीन आतिशबाजी की पहचान बॉक्स पर नीरी द्वारा जारी क्यूआर कोड द्वारा की जा सकती हैं । जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को उच्च न्यायालय के निर्देशों की शत प्रतिशत पालन के निर्देश दिए ।
