पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा/झारखंड 16 अक्टूबर।पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय शहर चाईबासा स्थित पिल्लई सभागार में जिला प्रशासन एवं कलामंदिर-जमशेदपुर के तत्वाधान पर बाल विवाह के विरुद्ध राज्यव्यापी जन जागरूकता अभियान(बाल विवाह से आजादी) के तहत एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राजीव कुमार सिंह, राज्य बाल संरक्षण आयोग-रांची के सदस्य विकास दोदराजका, जिला परिवहन पदाधिकारी के.राजहंस, पुलिस उपाधीक्षक(मुख्यालय) श्री सुधीर कुमार, सदर चिकित्सा पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, थाना प्रभारी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, विभिन्न गैर सरकारी/सामाजिक/व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधि सहित सहिया, सेविका, विभिन्न विद्यालय/नर्सिंग कौशल कॉलेज की छात्राएं स्वयं सहायता महिला समूह की सदस्य सहित अन्य के द्वारा भाग लिया गया।
उक्त कार्यक्रम में बाल विवाह के विरुद्ध सकारात्मक माहौल तैयार करने तथा कठिन परिस्थिति में पाए जाने वाले बच्चों का कल्याण, देखभाल एवं उनके संरक्षण को सुनिश्चित करने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर उपस्थित जनों के द्वारा विस्तार पूर्वक विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान बाल विवाह मुक्त भारत की परिकल्पना को साकार करने हेतु सभागार में उपस्थित सभी प्रतिभागियों के द्वारा बाल विवाह के रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास करने तथा अपने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने का शपथ लिया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि कम उम्र की शादी(लड़कियों के लिए 18 वर्ष एवं लड़कों के लिए 21 वर्ष से कम) एक सामाजिक बुराई एवं कानूनी अपराध है। यह जाने-अनजाने लड़कियों का शारीरिक रूप से कमजोर होने तथा अशिक्षित रहने का मुख्य कारण बनती है। आइये हम सब मिलकर बाल विवाह के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करें तथा देश में हो रहे बाल विवाह के मामलों को शून्य करने में सकारात्मक सहयोग प्रदान करें।
