आरा/भोजपुर 21 सितंबर।लीजेंड बक्शी कुलदीप नारायण सिन्हा मेमोरियल कल्चरल सोसायटी के बैनर तले स्थानीय महाजन टोली स्थित ठाकुरबाड़ी प्रांगण में संगीत सभा आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ तबला वादक श्री राणा प्रताप सिन्हा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर राणाजी ने कहा कि शास्त्रीय संगीत की पद्धति वैदिक काल से प्रचलन में हैं। संगीत के माध्यम से ब्रह्म का ज्ञान संभव है। पूरी सृष्टि स्वरों की अनुगूंज पर केंद्रित हैं। संगीत केवल लोकरंजन के लिये नहीं अपितु परमानंद की प्राप्ति का साधन है। इस अवसर पर संरक्षक सुशील कुमार ‘देहाती’ ने कहा कि आरा में प्रत्येक गुरुवार को आयोजित होने वाले इस संगीत सभा के कार्यक्रम से यहां के संगीतज्ञों के साथ साथ दर्शकों की सक्रियता बढ़ेगी साथ ही आम लोगों के लियॆ शास्त्रीय संगीत से जुड़ने का सुखद अवसर होगा। कार्यक्रम की पहली कड़ी में युवा गायक श्री राजेश राय ने राग – भीमपलासी में बड़ा ख्याल “अब तो बड़ी देर भयी” छोटा ख्याल “जा जा रे अपने मन्दिरवा जा” एकताल में लयबद्ध बंदिश “का से कहूँ जिया की बात” ठुमरी “सांची करो ना मोसे बतिया” प्रस्तुत कर समां बांधा। गले की मधुरता व तैयार तानों के साथ साथ राग की बढ़त ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया। हारमोनियम पर श्री सुमित सोनी, तानपुरे पर सुश्री संचिता व तबले पर श्री सूरज कान्त पाण्डेय ने संगत से रंग भरा। मंच संचालन आदित्या श्रीवास्तव व धन्यवाद ज्ञापन गुरु बक्शी विकास ने किया। इस अवसर पर विदुषी बिमला देवी , प्रोफेसर विश्वनाथ राय, नथुनी पाण्डेय, बक्शी रूपेश, अभय कुमार समेत कई संगीत प्रेमियों ने संगीत का रसास्वादन किया।
