आरा/भोजपुर 09 सितंबर।भोजपुर जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन और वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में भारतेन्दु हरिश्चंद्र की 173 वीं जयंती का आयोजन भोजपुरी विभाग के सभागार में आयोजित हुआ। समारोह की शुरुआत करते हुए हिंदी विभाग के प्रो नीरज सिन्हा ने भारतेन्दु जी को युग प्रवर्तक रचनाकार बताते हुए उनकी रचनाओं पर संक्षिप्त प्रकाश डाला। समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो अवध बिहारी सिंह ने उनके अमूल्य योगदान को आधुनिक भारत के लिए प्रेरणा देने वाला बताया। हिंदी भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रो दिवाकर पाण्डेय ने भारतेन्दु जी के राष्ट्रप्रेम को रेखांकित किया तथा आधुनिक हिंदी में गद्य लेखन के सूत्रधार के रूप में उनको याद किया। जे एन यू के शोधार्थी अरविन्द प्रकाश सूरज ने भारतेन्दु जी के साहित्य के समाजशास्त्रीय पहलुओं और राष्ट्रवाद की उनकी परिकल्पना पर प्रकाश डाला।
भोजपुर जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के प्रधान मंत्री और पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो नंदजी दूबे ने भारतेन्दु जी को उच्च कोटि का कवि बताया और आधुनिक हिंदी नाटकों में उनके योगदान की चर्चा की। अध्यक्षीय संबोधन में भोजपुर जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष और सीनेटर प्रो बलिराज ठाकुर ने कहा कि भारतेन्दु जी दानप्रिय थे और उन्होंने सदा देशभक्ति, लोकहित, समाज सुधार और स्वतंत्रता पर अपने विचार प्रकट किये हैँ। संचालन हिंदी विभाग के शिक्षक मुकेश कुमार ने किया और भारतेन्दु जी के अल्पायु में किये गये उल्लेखनीय कार्यों को प्रेरणादायी बताया। धन्यवाद ज्ञापन भोजपुरी विभाग के शोध छात्र रवि प्रकाश सूरज ने किया। हिंदी विभाग की छात्राओं शैलजा कुमारी, नीलम कुमारी, पूजा कुमारी और रूपम कुमारी ने भारतेन्दु जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला और उनकी चुनिंदा रचनाओं का पाठ किया। अन्य उपस्थित लोगों में विभाग के शिक्षक त्तर कर्मचारी मनोज कुमार, त्रिवेणी, पंकज कुमार के अलावा हिंदी और भोजपुरी विभाग के छात्र थे।
