आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 28 अगस्त। आरा नगर निगम का चुनाव पहली बार जनता के बीच जाकर हुआ। जनता ने शहर के विकास के लिए नए पुराने सभी अच्छे सहयोगियों को जीत दिलाई और सम्मान जनक ओहदा भी दिया। लेकिन न जाने किस कारण से इतने कम समय में आपसी सहयोग और भाईचारा समाप्त होगा इसकी आशा भी नहीं थी। जो विरोध में धरना प्रदर्शन शुरू हो गया।
उपस्थित वार्ड पार्षदों में मात्र दो या तीन उपस्थित नही रहे और सभी की उपस्तिथि तथा दस्तखत भी देखने को मिले। मेयर ,उपमेयर और नगर आयुक्त दिखाई नहीं पड़े। सभी वार्ड पार्षदों ने नगर निगम को लूटना बंद करें ,नगर आयुक्त वापस जाओ सबका हिसाब देना होगा, सभी वार्ड पार्षद एक हैं आदि का जय घोष पूरे जोश खरोश से करते रहे।
यह कार्यक्रम नगर निगम कार्यालय में लगभग 4 दिन से चल रहा है।वार्ड पार्षद निगम कार्यालय के बाहर दरी पर बैठे हैं लेकिन खबर लिखे जाने तक धरना स्थल पर ना मेयर, ना उपमेयर ,ना नगर आयुक्त मिलने के लिए आए। धरने पर बैठे वार्ड पार्षदों ने कहा की इन लोगों को ना वार्ड पार्षदों से मतलब है ना यहां की आम जनता से बल्कि केवल और केवल लूट और कमीशन के फेरे में व्यस्त हैं। 4:00 बजे संध्या सर्किट हाउस में एमएलसी अवधेश नारायण सिंह से मिलने का प्रोग्राम था। आगे की कार्रवाई की खबर नहीं है।
