भोपाल/ मध्यप्रदेश 16 जुलाई।वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच की मध्यप्रदेश इकाई के द्वारा आयोजित ऑनलाइन काव्य गोष्ठी आज हमारी मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल की अध्यक्ष अर्चना शर्मा थी।
गोष्टी का आगाज एवं सभी का स्वागत करते हुए इकाई अध्यक्ष जया आर्य ने कहा कि नरेश नाज़ द्वारा स्थापित अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच पर हमें एकत्रित होने का गौरव प्राप्त हुआ, हम सब एक दूसरे से बंधे हुए हैं और सुख दुख के साथी हैं उन्होंने पश्चिम बंगाल की अध्यक्ष अर्चना शर्मा का स्वागत किया और विशिष्ट अतिथि डॉ राजश्री रावत का भी स्वागत किया जो लेखिका संघ की पूर्व अध्यक्ष है l आरंभ में श्री मति सुनीता केसवानी द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई l
मुख्य अतिथि अर्चना शर्मा ने अपने सारगर्भित उद्बोधन से संस्था का मार्गदर्शन करते हुए गोष्ठी की सराहना की और साथ ही गोष्ठी को हंड्रेड परसेंट नंबर देते हुए आशा सक्सेना जी के संचालन की तारीफ करते हुए कहा कि- ‘जो पढ़ता है जो सुनता है,वही निखरता है’ lअपनी सुंदर “सावन की फुहार” रचना की काव्य धारा से मंच को सराबोर किया जिसके बोल थे- गिरी फुहारे सावन की मनवा है हर्षाए……* l अति सुंदर रचना प्रस्तुत की l
विशिष्ट अतिथि * *राजश्री रावत ने मंच* का मार्गदर्शन करते हुए यह रचना सुनाई- लो घिर आए सावन मासी बदरा…….l
अध्यक्षता कर रही वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच की अध्यक्ष * जया आर्य ने* अपने उद्बोधन के साथ सुंदर रचना प्रस्तुत की- फिर यह कैसा सावन आया.. आंखों में आंसू ले आया…..l
गोष्ठी में लगभग 15 प्रतिभागियों ने भाग लिया शेफालिका श्रीवास्तव- “आया सावन का त्यौहार…, संतोष श्रीवास्तव विद्यार्थी- “पावस की बूंद…, रजनी यादव- “टपर टपर टिप टिप बरस रही… “यशी शर्मा- “यह बदरा काले काले…,मधुलिका सक्सेना- “आयो री मनभावन सावन…, श्यामा गुप्ता- “यह मतवारे काले बादल…, “वीरेंद्र- “घटा छाई है.., विद्या श्रीवास्तव- “आई काली बदरिया…, जनक बघेल- आज मेरा मन सावन… पुनीत चंद्रा ने “व्यथा” शीर्षक पर अपनी रचना सुनाई l
कुशल संचालन आशा सक्सेना ने किया गोष्ठी में तकनीकी सहयोग पुनीत चंद्रा द्वारा प्रदान किया गया और आभार व्यक्त किया मृदुल त्यागी ने lसौहाद्र पूर्ण वातावरण में काव्य गोष्ठी संपन्न हुई।

