प्रदेश अध्यक्ष सूरज जायसवाल बोले—सरकार के लिए राजस्व अधिक जरूरी है या जनता का जीवन?
भोपाल/मध्यप्रदेश ( मनोज कुमार प्रसाद)7 सितंबर। सागर में अवैध शराब के सेवन से 23 लोगों की मौत की दुखद घटना पर जनता दल (यू) मध्यप्रदेश ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पार्टी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए इस कठिन घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की बात कही है।
जनता दल (यू) मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री सूरज जायसवाल ने घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार को यह तय करना होगा कि उसके लिए शराब से मिलने वाला राजस्व अधिक महत्वपूर्ण है या प्रदेश की जनता का जीवन। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के सेवन से इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत होना बेहद गंभीर और चिंताजनक है।
श्री जायसवाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण और निगरानी की कमी के कारण ऐसी घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल राजस्व बढ़ाने पर ध्यान देने के बजाय आम नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि गांव-गांव में अवैध शराब की बिक्री और आपूर्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होने पर भविष्य में भी ऐसी दर्दनाक घटनाओं की आशंका बनी रहेगी।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि घटना में प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही या निगरानी की कमी की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने की जिम्मेदारी प्रशासन और आबकारी विभाग की है, इसलिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
श्री जायसवाल ने मध्यप्रदेश सरकार से मांग की कि मृतकों के परिवारों को तत्काल उचित राहत राशि और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को इस कठिन समय में आर्थिक सहारा मिल सके।
उन्होंने घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा मिलीभगत सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
श्री जायसवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार को बिहार सरकार की तर्ज पर प्रभावी शराबबंदी एवं आबकारी नीति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार को शराब से प्राप्त होने वाले राजस्व से अधिक जनता के जीवन और परिवारों की सुरक्षा को महत्व देना चाहिए।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से विशेष रूप से मांग की कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं आबकारी सहायक आयुक्त को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। उन्होंने कहा कि इतनी गंभीर घटना में प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जनता दल (यू) मध्यप्रदेश ने मांग की कि अवैध शराब की बिक्री एवं आपूर्ति पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए तथा प्रशासन और आबकारी विभाग को जवाबदेह बनाया जाए, जिससे भविष्य में सागर जैसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

