RK TV News
खबरें
Breaking Newsसाहित्य

गोहरावन

इमेज सौ:सोशल मीडिया

गोहरावन

भोले शंकर ई का कइलीं
तकथइया तकथइया कइली
भंगिया खा निसिआइल रहके, भस्मासुर पूजा पर गदगद भइलीं? ।।

फिर रखी हाथ राउर माथ पर,
अपना करनी से अपने फंसलीं;
अब काहे छछनत भगलीं त्रिलोकी, डर से काहे गुप्ताधाम में घुसलीं ।।

छोड़ीं अब ई ढढ़नच आगे सोचीं,
मत करीं काम अँखमुदा तनि सोचीं।।

असुर सुर के रूप बनाई,
आना नीमन से चिन्हबऽ;
अइसने हाल हो वे लागी,
फिर कइसे रवा पुजाइबऽ ।।

तकथइया छोड़ ताण्डव करे पड़ी, जटा खोल वीरभद्र के पेठवे पड़ौ ।।

नइखे घर ओह से का,
संउसे दुनिया रउरे घर,
रउरे धरती, रउरे सब शिखर शैल, कवनो बड़ कोठी से बडुवे खूबे फैल बड़ा नीक बा पोसले बानी बैल ।।

नाहक में डरवइलीं ठकुराइन के मड़वा में,
एही से परीछ ना पावल केहू लोढ़वा से ।।

गउरा भीरी भांला, तू रखलऽ त्रिशुल, कार्त्तिकेय के तीर, फरसा लम्बोदर के मूल ।।

बड़ा नीक बा राउर फौज,
बाकीर बानी बड़ मन मौज,
मत करीं अब आँउज-माँउज,
ना त परबत होइहें खाँउज-माँउज ॥

कार्त्तिकेय के दक्खिन भेजीं,
एक दन्त के पश्चिम में,
हिम शैल पर अपने रहबऽ,
गउरा दुर्गा रहस पूरब में ।।

घरवा खातिर त बैले काफी बा,
ढही आवत रही जे खूँटा के पासे आई;
चारो चौगेठा जब पहरा रही,
हर हर हर हर के गूंज सुनाई ।।

रचनाकार:डॉ कृष्ण दयाल सिंह
(लेखक वर्तमान में आरा के वरिष्ठपुरी में निवास करते है,संपर्क:9570805395)

Related posts

कोविड-19 अपडेट

rktvnews

दैनिक पञ्चांग: 12 जनवरी 26

rktvnews

डीपीआईआईटी ने आरंभिक चरण के स्टार्टअप्स की सहायता करने और विस्तार देने के लिए हीरो मोटोकॉर्प के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

rktvnews

भोजपुर: डीएम की अध्यक्षता में पीएम सम्मान निधि योजना से संबंधित लंबित ई-केवाईसी और एनपीसीआई के निष्पादन हेतु समीक्षा बैठक आयोजित।

rktvnews

मध्यप्रदेश:अब चुनाव में मतदान दिवस के कवरेज में शामिल प्राधिकृत पत्रकारों को भी मिलेगी पोस्टल बैलेट से वोट करने की सुविधा।

rktvnews

शास्त्रीय संगीत की अनुगूंज हरि उपासना का मार्ग : विश्वनाथ राय

rktvnews

Leave a Comment