
गोरखपुर/उत्तर प्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)25 सितंबर। युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित साप्ताहिक संगोष्ठी के क्रम में शुक्रवार को ‘नशा नाश का कारण है’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने नशे के व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करने के साथ-साथ परिवार तथा समाज पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है।
वक्ताओं ने युवाओं एवं विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज में नशामुक्ति के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
