
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)03 जून।आज दैनिक जागरण के बैनर तले वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन संध्या 6:30 बजे आयोजित किया जाएगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है। कार्यक्रम में वीर रस की हुंकार से लेकर शृंगार की मखमली महक से जिलेवासी रुबरु होंगे। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में शामिल ये सात रचनाकार समकालीन काव्य जगत की रीढ़ हैं। जहां एक तरफ देशभक्ति और ओज का जोश रहेगा, वहीं दूसरी तरफ सामाजिक विसंगतियों पर तीखा व्यंग्य और मोहब्बत की मखमली शायरी भी होगी। इन कवियों और शायरों की सबसे बड़ी ताकत इनका अनूठा अंदाज़ और आम बोलचाल की भाषा है। देश-विदेश के विभिन्न मंचों पर इन रचनाकारों की रचनाएं गूंजी हैं।
शायर अजहर इकबाल : शायर अजहर इकबाल आधुनिक उर्दू शायरी की दुनिया का एक बेहद लोकप्रिय और चमकता हुआ नाम हैं। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के एक छोटे से कस्बे ‘लावड़’ में जन्मे अजहर इकबाल बहुत कम समय में उर्दू अदब और मुशायरों की दुनिया में अपनी एक खास पहचान बनाई है। वे अपनी गजलों में बेहद सरल, आम बोलचाल और सीधे दिल को छू लेने वाले शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।
कवि अशोक चरण : चर्चित कवि अशोक चरण मुख्य रूप से वीर रस और ओज गुण के कवि हैं। वे मंच पर अपनी देशभक्ति से ओत-प्रोत और जोशीली कविताओं के लिए जाने जाते हैं। इनका संबंध राजस्थान से है। उनकी भारी और बुलंद आवाज, कविता पाठ का अनोखा अंदाज और शानदार स्टेज प्रेजेंस उन्हें आज के दौर में वीर रस के सबसे पसंदीदा कवियों की कतार में खड़ा करती है।
कवयित्री पद्मिनी शर्मा : चर्चित कवयित्री पद्मिनी शर्मा आधुनिक कवि सम्मेलनों में शृंगार और प्रेम के गीतों को पूरी शालीनता और संजीदगी के साथ पेश करने वाली अग्रणी रचनाकार हैं। वे मुख्य रूप से मुक्तक, गीत और गजल विधा में लिखती हैं। उनके लिखे मुक्तक युवाओं और काव्य प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। सुरीली और मखमली आवाज में जब गाती हैं तो श्रोता मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।
कवि सुदीप भोला : सुप्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य और ओज रस के कवि सुदीप भोला मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले हैं। वे अपनी कविताओं से लोगों को हंसाने के साथ-साथ देशप्रेम की भावनाएं भी जगाते हैं। सुदीप भोला आज के दौर के सबसे व्यस्त कवि हैं, जिनकी हाजिरजवाबी, तीखा व्यंग्य और अपनी बात को मटीले अंदाज़ में कहने की कला उन्हें अन्य कवियों से अलग बनाती है।
कवि तेज नारायण शर्मा : सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार और कवि तेज नारायण शर्मा मुख्य रूप से मध्य प्रदेश (जौरा, मुरैना) के रहने वाले हैं और वर्तमान में ग्वालियर में निवास करते हैं। वे शब्दों की जादुई बुनावट से समाज की विसंगतियों पर तीखी चोट करने के लिए जाने जाते हैं। वे अपनी रचनाओं के जरिए समाज के कड़वे सच, राजनीतिक ढोंग और प्रशासनिक खामियों को पूरी बेबाकी के साथ उजागर करते हैं।
कवि विनोद पाल : उत्तर प्रदेश के हापुड़ (पिलखुवा के पास) के रहने वाले सुप्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कवि विनोद पाल हिंदी काव्य मंचों पर हास्य और करारा व्यंग्य रस के बेहद लोकप्रिय कवि हैं। वे रोज़मर्रा के जीवन और पारिवारिक ताने-बाने पर अनूठे व्यंग्य के लिए जाने जाते हैं। हंसी-मजाक के बीच में वे समाज की विसंगतियों और मानवीय व्यवहार पर ऐसा तीखा कटाक्ष कर जाते हैं, जो सोचने पर मजबूर करता है।
कवयित्री पूजा मिश्रा ‘यक्ष’ : चर्चित कवयित्री पूजा मिश्रा ‘यक्ष’ मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की रहने वाली हैं। वे मुख्य रूप से श्रृंगार रस तथा करुण रस की बेहद संवेदनशील कवयित्री हैं। उनकी रचनाओं में प्रेम की गहराई, समर्पण और विरह की अनूठी अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। रचनाओें में शुद्ध हिंदी और उर्दू के चुनिंदा शब्दों का ऐसा सुंदर समन्वय होता है, जो सीधे श्रोताओं के दिल को छू जाता है।
