आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति के तहत प्राप्त प्रतिवेदन पर लंबित कार्यों के शीघ्र निष्पादन हेतु संबंधित पदाधिकारियों को किया निदेशित।
RKTV NEWS/गढ़वा (झारखंड)14 मई।उप विकास आयुक्त, गढ़वा पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित सभागार में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास व स्क्रीनिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में प्रभारी पदाधिकारी जिला सामान्य शाखा सुशील कुमार राय द्वारा आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को अनुमान्य लाभ प्रदान करने की अद्यतन स्थिति से उप विकास आयुक्त श्री मिश्रा को अवगत कराया गया। तत्पश्चात आत्मसमर्पित नक्सलियों को आत्म समर्पण के उपरांत पुनर्वास नीति के तहत प्रदान किए जाने वाले अनुमान्य लाभ में विभिन्न लंबित कार्यों को शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
बतातें चलें कि नक्सली आत्मसमर्पण वह प्रक्रिया है जिसमें हिंसक माओवादी विचारधारा का पालन करने वाले हथियारबंद विद्रोही हिंसा का रास्ता छोड़, सरकार और सुरक्षा बलों के सामने हथियार डालते हैं। मुख्यधारा में लौटने की इस नीति के तहत, आत्मसमर्पित नक्सलियों को वित्तीय सहायता, रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य उन्हें समाज में पुनः एकीकृत करना है। फलस्वरूप आत्मसमर्पित नक्सलियों को आत्मसमर्पण उपरांत पुर्नवास नीति के तहत प्रदान किए जाने वाले अनुमान्य लाभ यथा- पुनर्वास अनुदान, घोषित पुरस्कार भुगतान, व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं परिवार के सदस्यों का जीवन बीमा, पुनर्वास दर्ज कांड में पैरवी के लिए अधिवक्ता का भुगतान, सरकारी चिकित्सा, स्व नियोजन, हथियार समर्पण के बदले राशि का भुगतान, भूमि आवंटन, आवास योजना लाभ, शिक्षण शुल्क, कन्यादान योजना लाभ आदि लंबित कार्यों को शीघ्र निष्पादित करने का निर्देश उप विकास आयुक्त द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया।
कुछ लंबित मामलों के निराकरण के लिए सत्यापन हेतु एवं आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों एवं उनके आश्रितों को पुनर्वास पैकेज के तहत प्रदत्त देय लाभ एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी देने हेतु आगामी 29 मई 2026 को एक बैठक का आयोजन करने का भी निर्णय लिया गया। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों एवं उनके आश्रितों को उक्त बैठक में भाग लेने हेतु ससमय सूचित करने का निर्देश दिया गया।
उक्त बैठक में अभियान एसपी आर.डी. बड़ाईक, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, सिविल सर्जन डॉक्टर जेएफ कैनेडी, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा, एलडीएम, डीपीएम जेएलपीएस आदि समेत अन्य संबंधित उपस्थित थें।

