
उमरिया /मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)02 मई।जिले के करकेली विकासखंड के ग्राम कौड़िया की निवासी सुनीता सिंह आज ग्रामीण महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी हैं। मात्र 8वीं तक शिक्षित सुनीता, जो कभी घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, आज एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं।
सुनीता बताती है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। उनकी व्यक्तिगत मासिक आय मात्र 3,000 रुपये थी, जबकि पूरे परिवार की आय लगभग 8,000 रुपये तक सीमित थी। ऐसे में परिवार की जरूरतों को पूरा करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था।
सुनीता के जीवन में बदलाव की शुरुआत 1 जून 2018 को हुई, जब उन्होंने श्री गणेश स्व-सहायता समूह की सदस्यता ग्रहण की। उनकी मेहनत, लगन और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें समूह की सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। समूह के माध्यम से उन्हें राशि 5,000 रुपये , राशि 40,000 रुपये,राशि 80,000 रुपये का वित्तीय सहयोग मिला। प्राप्त आर्थिक सहायता का सही उपयोग करते हुए सुनीता ने अपने गांव में एक किराना दुकान की शुरुआत की। उनकी मेहनत और समर्पण ने इस छोटे से व्यवसाय को सफलता की राह पर आगे बढ़ाया और यही उनकी आय का मुख्य स्रोत बन गया। आज सुनीता व्यक्तिगत आयरू 3,000 रुपये से बढ़कर 9,000 रुपये प्रतिमाह कमा रही है वही पारिवारिक आय 8,000 रुपये से बढ़कर 16,000 रुपये प्रतिमाह हो गई है। सुनीता सिंह आज आजीविका ग्राम संगठन और प्रगति संकुल स्तरीय संघ के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, अवसर और मेहनत से कोई भी व्यक्ति अपनी जिंदगी बदल सकता है। उन्होने प्रदेश के मुख्यमंत्री डा मोहन यादव के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।
