
RKTV NEWS/चतरा (झारखंड)02 मई।समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा एवं जिला बाल संरक्षण कार्यालय, चतरा अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में संचालित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में अपना सरकारी भवन, स्वच्छ पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं शौचालय की व्यवस्था शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी केंद्रों पर बच्चों के लिए वजन मशीन, बैठने, पढ़ने एवं खेलने से संबंधित आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सर्वे कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण, पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था से जुड़े कार्यों में यदि चयनित एजेंसी द्वारा समय पर कार्य पूर्ण नहीं किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में वैकल्पिक एजेंसी के चयन हेतु अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चिन्हित आंगनबाड़ी केंद्रों में चाहरदीवारी निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन एवं सहित राज्य प्रायोजित सर्वजन पेंशन योजना के सभी लाभुकों को मार्च 2026 तक भुगतान कर दिया गया है। राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन के लाभुकों का भुगतान जनवरी माह से मार्च माह तक आवंटन अप्राप्त रहने के कारण भुगतान लंबित है। मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना अंतर्गत भी मार्च 2026 तक अधिकांश लाभुकों को भुगतान किया जा चुका है, जबकि कुछ लाभुकों का आवंटन अप्राप्त रहने के कारण भुगतान लंबित है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आवंटन प्राप्त होते ही लंबित भुगतान शीघ्र सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना एवं अन्य पेंशन योजनाओं के लाभुकों का भौतिक सत्यापन प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर 20 अप्रैल से 6 मई तक कराया जा रहा है। उपायुक्त ने इस प्रक्रिया को पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बाल संरक्षण से संबंधित समीक्षा के दौरान जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन, बालक गृह, बालिका गृह एवं जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय सक्रिय रूप से संचालित हैं। बैठक में स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर, आफ्टर केयर एवं एडॉप्शन से संबंधित योजनाओं की भी जानकारी साझा की गई।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाएं।
बैठक में अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रेणु रवि, सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अरुणा प्रसाद सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
