
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)02 मई।वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सवालों के घेरे में है। विश्वविद्यालय द्वारा 23 करोड़ 87 लाख रुपये के उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) अब तक जमा नहीं किए जाने पर राजभवन ने कड़ा रुख अपनाया है।राज्यपाल सह कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब तलब किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि लंबित उपयोगिता प्रमाणपत्रों को लेकर कुलपति और कुलसचिव सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। इस संबंध में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2024-25 के बीच विश्वविद्यालय को विभिन्न मदों में आवंटित राशि के खर्च का हिसाब अब तक प्रस्तुत नहीं किया गया है जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।जल्द ही उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा नहीं किए गए, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई, यहां तक कि एफआईआर दर्ज करने की भी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस बाबत विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। इस तरह के रिपोर्ट अन्य विश्वविद्यालय से प्राप्त हुए हैं जो विश्वविद्यालय के गलत कार्य शैली की ओर इंगित कर रहे हैं।
