
RKTV NEWS/चतरा (झारखंड)30 अप्रैल।जिले में 24 अप्रैल से 11 मई 2026 तक संचालित “पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा” अब केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि आमजनों के जीवन में राहत पहुंचाने वाला प्रभावी जन-आंदोलन बनता जा रहा है। उपायुक्त रवि आनंद के स्पष्ट निर्देश एवं सतत मॉनिटरिंग के कारण जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी वार्डों तक पेयजल समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
उपायुक्त रवि आनंद स्वयं इस अभियान की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं तथा संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जहां भी पेयजल संकट की सूचना मिले, वहां त्वरित रूप से स्थल निरीक्षण कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उनके नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम न केवल समस्याओं को सुन रही है, बल्कि मौके पर ही उसका निष्पादन कर आमजनों को राहत पहुंचा रही है।
इसी क्रम में आज 30 अप्रैल 2026 को जिले के विभिन्न पंचायतों में शिविर आयोजित किए गए। चतरा प्रखंड के पाराडीह एवं सिकीद, गिद्धौर के द्वारी, हंटरगंज के करैलीबार एवं नावाडीह पनारी, प्रतापपुर के चंद्रीगोविन्दपुर एवं मोन्या, लावालौंग के कटिया, सिमरिया के पिरी एवं हुरनाली, इटखोरी के मलकपुर एवं नवादा, मयूरहंड के करमा, कान्हाचट्टी के चारू तथा टंडवा के डहु एवं किचटो पंचायतों में शिविर लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया गया।
वहीं नगर परिषद, चतरा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 11 (जलछाजन भवन) एवं वार्ड संख्या 12 (दिवानखाना स्कूल) में भी शिविर आयोजित कर शहरी क्षेत्रों में पेयजल समस्याओं का स्थल निरीक्षण कर त्वरित निराकरण किया गया।
अभियान के अगले चरण में दिनांक 02 मई 2026 को भी जिले के विभिन्न पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। चतरा प्रखंड के सीमा एवं गोढ़ाई, हंटरगंज के गोसाईडीह एवं केदलीकला, प्रतापपुर के सिदकी एवं बरूरा, लावालौंग के कोलकोले, सिमरिया के बन्हे एवं बगरा, मयूरहंड के सोकी, कान्हाचट्टी के राजपुर तथा टंडवा के धनगड़ा एवं पदुमपुर पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त नगर परिषद, चतरा के वार्ड संख्या 13 (नगर परिषद परिसर) एवं वार्ड संख्या 14 (हमीद भवन) में भी शिविर आयोजित किए जाएंगे।
आज आयोजित शिविरों में अधिकारियों द्वारा सक्रिय भागीदारी करते हुए चापाकलों की मरम्मति, जल स्रोतों की बहाली एवं अन्य आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया गया। कई स्थानों पर वर्षों से खराब पड़े चापाकलों को पुनः चालू कर ग्रामीणों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
शिविरों के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि समस्या के मूल कारण की पहचान कर स्थायी समाधान की दिशा में कार्य किया जाए। पंचायत स्तर पर ग्राम सभा के माध्यम से प्राथमिकता वाले योजनाओं का चयन कर भविष्य की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
उपायुक्त रवि आनंद ने स्पष्ट कहा है कि पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र में समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
जिला प्रशासन द्वारा आमजनों से अपील की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आयोजित शिविरों में भाग लेकर अपनी समस्याएं दर्ज कराएं। प्रशासन द्वारा यह भी आश्वस्त किया गया है कि प्राप्त सभी आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेगा।
