
RKTV NEWS/बक्सर ( बिहार)30 अप्रैल। बुधवार को जिला पदाधिकारी बक्सर, साहिला की उपस्थिति में कर्नाटक की दंपति को साढ़े तीन वर्ष की मासूम बच्ची को समाहरणालय परिसर अवस्थित कार्यालय कक्ष में दिया गया।
बच्ची को पाकर दंपति के आँखों से खुशी के आँसू छलक आये। आज बच्ची को ममता का आँचल नसीब हुआ। विदित हो कि जिन नवजात बच्चों को लावारिस छोड़ दिया जाता है उसे विशिष्ट दतक ग्रहण संस्थान में रखा जाता है, जहाँ इनका पालन-पोषण होता है। निःसंतान दंपति भारत सरकार की ओर से संचालित कारा की वेबसाइट www.cara.wcd.gov.in पर दत्तक ग्रहण हेतु आवेदन कर सकते हैं। उन्हें अपना आधार कार्ड, वोटर कार्ड, ड्राईविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र आदि के साथ निबंधन कराना होता है।
दत्तक ग्रहण के लिए आवश्यक दस्तावेजों को 30 दिनों के अंदर केयरिंग पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। गृह अध्ययन रिपोर्ट, प्रतीक्षा सूची, मिलान प्रक्रिया, बच्चों का आरक्षण स्वीकृति, याचिका और भावी दत्तक माता-पिता के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक रूप से दृढ़ता, वित्तीय सक्षमता एवं दत्तक ग्रहण प्रेरणा, गंभीर बीमारियों से संबंधित दस्तावेज, दंपत्ति की दशा में पति-पत्नी दोनों की सहमति, दंपति के कम से कम दो वर्ष स्थिर वैवाहित संबंध जरूरी है।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त बक्सर, सहायक समाहर्ता बक्सर, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बक्सर, जिला जन सपंर्क पदाधिकारी बक्सर एवं वरीय उप समाहर्ता सह प्रभारी सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई बक्सर, सी॰पी॰ओ॰, सामाजिक कार्यकर्ता परामर्शी एवं दत्तक ग्रहण संस्थान बक्सर के प्रभारी समन्वयक उपस्थित थे।
