
उमरिया/ मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)28 अप्रैल।महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण तथा ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से संचालित “लखपति दीदी” पहल महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही है। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का उद्देश्य स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनकी वार्षिक आय को न्यूनतम 1 लाख रुपये तक पहुंचाना है। इसके तहत महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों, वित्तीय साक्षरता, कौशल प्रशिक्षण तथा उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे स्थायी आय अर्जित कर सकें।
विकासखंड पाली के ग्राम रौगढ़ निवासी रूपा बैगा, पति अच्छे लाल बैगा, बताती हैं कि उन्होंने वर्ष 2022 में “आरती स्व-सहायता समूह” का गठन किया, जिसमें वे अध्यक्ष हैं। समूह में 11 महिलाएं शामिल हैं, जो विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आय अर्जित करते हुए अपने परिवारों का भरण-पोषण कर रही हैं।
रूपा बैगा ने बताया कि वे बीमा कार्य के साथ-साथ “बैंक सखी” के रूप में भी कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त वे अपनी दुकान के माध्यम से ऑनलाइन सेवाएं भी प्रदान करती हैं। इन सभी गतिविधियों से वे प्रतिमाह लगभग 20 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर लेती हैं।
वे कहती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं का आत्मसम्मान बढ़ा है और अब महिलाएं समाज में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही हैं। रूपा बैगा ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है।
लखपति दीदी पहल न केवल महिलाओं की आय बढ़ाने का माध्यम बन रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
