
RKTV NEWS/गिरिडीह(झारखंड )22 अप्रैल।गिरिडीह जिले में लगातार बढ़ते तापमान एवं प्रचंड लू की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, रामनिवास यादव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को आमजन की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान मौसम परिस्थितियाँ जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं, ऐसे में सभी संबंधित विभागों को पूर्ण सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करना होगा, ताकि किसी भी प्रकार की आपदा या असुविधा से समय रहते निपटा जा सके। उपायुक्त ने बैठक में कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती गर्मी केवल असुविधा ही नहीं, बल्कि एक संभावित आपदा का रूप ले सकती है। ऐसे में सभी विभागों की जिम्मेदारी है कि वे पूरी संवेदनशीलता, तत्परता एवं समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता
उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को निर्देशित किया कि जिले में जितने भी चापाकल खराब पड़े हैं, उनकी शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही निजी एवं सरकारी जल टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए उनके संचालन की जानकारी, जल स्रोतों की सूची, संबंधित फोन नंबर एवं स्थान की जानकारी आम जनता के लिए उपलब्ध कराई जाए, ताकि जरूरतमंद लोग समय पर लाभ उठा सकें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जल स्रोतों को मजबूत एवं सुरक्षित रखा जाए, जिससे किसी भी स्थिति में जल संकट उत्पन्न न हो और प्रत्येक व्यक्ति तक स्वच्छ पेयजल की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
विधुत एवं अग्निशमन विभाग को दिशा-निर्देश
विधुत विभाग को निर्देशित किया गया कि बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहे तथा अनावश्यक कटौती से बचा जाए। साथ ही ओवरलोडिंग एवं ट्रांसफार्मर से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। अग्निशमन विभाग को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए, ताकि गर्मी के कारण उत्पन्न होने वाली आगजनी की घटनाओं पर तत्काल नियंत्रण पाया जा सके।
कृषि विभाग को माइक्रो प्लान तैयार करने का निर्देश
कृषि विभाग को निर्देशित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि बढ़ती गर्मी के प्रभाव को देखते हुए किसानों के लिए उपयुक्त फसल चयन अत्यंत आवश्यक है। विभाग को निर्देश दिया गया कि वे एक विस्तृत माइक्रो प्लान तैयार करें, जिसमें ऐसी फसलों की जानकारी हो जो कम पानी में भी अच्छी पैदावार दे सकें। इसके साथ ही किसानों को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार अभियान चलाने एवं तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए गए, ताकि वे बदलते मौसम के अनुरूप अपनी कृषि पद्धतियों में आवश्यक परिवर्तन कर सकें।
आपूर्ति विभाग को राहत कोष के समुचित उपयोग के निर्देश
उपायुक्त ने आपूर्ति विभाग को निर्देशित किया कि आपदा राहत कोष के तहत प्रत्येक पंचायत को उपलब्ध कराई गई राशि का समुचित एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह राशि जरूरतमंदों की सहायता एवं राहत कार्यों में प्रभावी रूप से खर्च की जानी चाहिए, जिससे आमजन को सीधा लाभ मिल सके।
शिक्षा विभाग के लिए विशेष निर्देश
भीषण गर्मी को देखते हुए शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि जिले के सभी विद्यालय, चाहे वे सरकारी हों या निजी, केजी से लेकर कक्षा 08 तक एवं उच्च विद्यालयों का संचालन सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक किया जाए। इस निर्णय का उद्देश्य बच्चों को लू एवं अत्यधिक गर्मी के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखना है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में बदलाव
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित किए जाएं। शेष प्रशासनिक एवं अन्य कार्य नियमित समयानुसार किए जाएंगे, ताकि बच्चों एवं महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिला नियंत्रण कक्ष का संचालन
गर्मी की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिले में नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) सक्रिय किए जाएंगे। प्रत्येक नियंत्रण कक्ष में एक कर्मी की नियमित प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी, संपर्क नंबर (06532-228829) सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे आमजन किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त कर सकेंगे। उपायुक्त ने कहा कि कंट्रोल रूम के संचालन में प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। ये अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में स्थिति की सतत निगरानी करेंगे एवं किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
पशु-पक्षियों के लिए भी विशेष व्यवस्था
उपायुक्त ने कहा कि इस भीषण गर्मी में केवल मनुष्य ही नहीं, बल्कि पशु एवं पक्षी भी प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए उनके लिए भी स्वच्छ एवं ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस दिशा में नगर निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर जल पात्र रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे जीव-जंतुओं को भी राहत मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग को सतर्कता बरतने के निर्देश
सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में आवश्यक दवाइयों, विशेष रूप से ORS, जीवन रक्षक दवाएं एवं अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में भी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि लू से प्रभावित व्यक्तियों का तत्काल उपचार किया जा सके।
आग से बचाव हेतु जन-जागरूकता अभियान
अत्यधिक गर्मी को देखते हुए उपायुक्त ने अग्नि सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। आमजन को यह जानकारी दी जाए कि आग लगने की स्थिति में किस प्रकार स्वयं को सुरक्षित रखें एवं तत्काल राहत कैसे प्राप्त करें। विशेष रूप से खेत-खलिहानों, पुआल एवं फसल अवशेषों में आग लगने की घटनाओं से बचाव के लिए किसानों को जागरूक किया जाए। इसके लिए ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि संभावित नुकसान को रोका जा सके।
आमजनों से अपील
उपायुक्त रामनिवास यादव ने जिलेवासियों से अपील किया कि वे इस भीषण गर्मी के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतें। अत्यधिक धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हल्के एवं सूती वस्त्र पहनें तथा बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन पूरी तरह से सजग एवं प्रतिबद्ध है, लेकिन आमजन के सहयोग के बिना किसी भी चुनौती का सामना करना संभव नहीं है। इसलिए सभी नागरिक प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें एवं किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
समन्वित प्रयास से ही संभव है प्रभावी आपदा प्रबंधन
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय एवं टीम भावना के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी तय है और सभी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ करना होगा।
बैठक में महापौर गिरिडीह, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, उप नगर आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला नजारत उप समाहर्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
