
RKTV NEWS/गिरिडीह(झारखंड )21अप्रैल। सोमवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM ABHIM) योजना की प्रगति, रक्त केंद्र सदर अनुमंडल गिरिडीह के संचालन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में उपायुक्त ने PM ABHIM योजना के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, इसलिए इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। वहीं रक्त केंद्र सदर अस्पताल गिरिडीह के संचालन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, रक्त संग्रहण एवं वितरण की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रक्त की उपलब्धता किसी भी आपातकालीन स्थिति में जीवन रक्षक साबित होती है, इसलिए रक्त केंद्र को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाना चाहिए। साथ ही, नियमित रक्तदान शिविरों के आयोजन पर भी बल दिया गया ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने विशेष रूप से संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर मानी जाएगी। इस क्रम में उन्होंने सहिया कर्मियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कड़े निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई भी सहिया अपने क्षेत्र में एक महीने के भीतर कम से कम एक संस्थागत प्रसव सुनिश्चित नहीं करती है, तो इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उनकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि सहिया कर्मियों का मुख्य दायित्व ही गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थानों तक लाकर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है। उन्होंने सिविल सर्जन एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी सहिया कर्मियों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा उनकी मासिक रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाए। साथ ही, बेहतर कार्य करने वाली सहिया को प्रोत्साहित करने तथा लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता एवं अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर एवं सम्मानजनक सेवा प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने टीकाकरण कार्यक्रम, पोषण अभियान एवं अन्य जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। बैठक में सिविल सर्जन, उप नगर आयुक्त, अस्पताल उपाधीक्षक, सहायक नगर आयुक्त, जिला आरसीएच पदाधिकारी, संबंधित कार्यपालक अभियंता, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, गिरिडीह जिला, बीपीएम, एनएचएम समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
