
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)10 अप्रैल।भोजपुर जिले में निजी स्कूलों द्वारा नामांकन सत्र के दौरान अभिभावकों से की जा रही मनमानी वसूली और आर्थिक शोषण को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने इस मामले में कड़ा आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि शिक्षा के नाम पर किसी भी तरह की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।डीएम का कहना है मनमानी पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई होगी।
दुकान की बाध्यता खत्म
अब कोई भी स्कूल अभिभावकों को किसी खास दुकान से यूनिफॉर्म, किताबें या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।अभिभावक अपनी सुविधा से कहीं से भी खरीदारी कर सकेंगे।
यूनिफॉर्म में बदलाव पर रोक
हर साल यूनिफॉर्म बदलने की प्रथा पर रोक लगा दी गई है, ताकि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
सूची सार्वजनिक करना अनिवार्य
सभी निजी स्कूलों को 15 अप्रैल 2026 तक अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर ड्रेस और पुस्तकों की पूरी सूची प्रदर्शित करनी होगी।
फीस में पारदर्शिता
री-एडमिशन शुल्क, विकास शुल्क और अन्य मदों में अवैध वसूली पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।प्रशासन ने साफ किया है कि यदि कोई स्कूल इन निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में इसे अहम कदम और जनहित में लाभकारी माना जा रहा है।
