
शाहपुर/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 7 अप्रैल। भोजपुर जिला शाहपुर के गौतमनगर स्थित श्री त्रिदंडी देव राजकीय डिग्री महाविद्यालय मे यूनिसेफ बिहार, इंडियन चैंबर ऑफ़ कॉमर्स बिहार तथा राज्य परिषद के सहयोग से दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय बहुविषयी सम्मेलन का उद्घाटन वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो गुलाब फलाहारी सहित अन्य गणमान्य लोगों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
उद्घाटन के अवसर पर कुल गीत भी गाया गया। सम्मेलन का विषय “बिहार में उच्च शिक्षा का कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल परिवर्तन : चुनौतियाॅ, अवसर एवं नीतिगत निहितार्थ” है।
कॉलेज के प्राचार्य प्रो गुलाब फलाहारी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि यह सम्मेलन बिहार मे उच्च शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा मे एक महत्वपूर्ण पहल है तथा इससे अकादमिक वातावरण में को नई दिशा मिलेगी।
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने उच्च शिक्षा मे कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका पर बल देते हुए विश्वविद्यालयों को समयानुकूल तकनीकी नवाचार अपनाने की आवश्यकता जताई।
इससे शिक्षक एवं शोध की गुणवत्ता मे व्यापक सुधार संभव हो सकेगा। कुलसचिव डॉ रामकृष्ण ठाकुर ने विश्वविद्यालय प्रशासन मे डिजिटल प्रणाली के उपयोग पर बल दिया। राज्यपाल द्वारा नामित सदस्य संतोष तिवारी ने एआई को भविष्य की शिक्षा प्रणाली का आधार बताया। पूर्व कुलसचिव प्रो रणविजय कुमार सिंह ने प्रशासनिक सुधारों मे डिजिटल परिवर्तन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
सीसीडीसी प्रो अनुज रजक ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता पूर्ण सुधार हेतु तकनीकी समावेशन को अनिवार्य बताया। प्रॉक्टर प्रो लाल बाबू सिंह ने डिजिटल युग में नैतिक मूल्यों को बनाये रखने की आवश्यकता पर बल दिया। संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो श्रीप्रकाश राय ने भारतीय ज्ञान परंपरा एवं आधुनिक तकनीकी के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रो अवध बिहारी सिंह ने एआई के सामाजिक प्रभावों पर चर्चा की। एम एम महिला कॉलेज, आरा के प्राचार्य प्रो नरेंद्र प्रताप पालित ने महिलाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी सशक्तिकरण पर जोर दिया। एसपी जैन कॉलेज, सासाराम के प्राचार्य प्रो नवीन कुमार ने उच्च शिक्षा में नवाचार को अनिवार्य बताते हुए विद्यार्थियों मे कौशल विकास की जानकारी को आवश्यक बताया। कॉलेज निरीक्षक प्रो राजू मोची ने डिजिटल निरीक्षण प्रणाली की उपयोगिता जताई। श्रीलंका के प्रो एस पथ्मनेशन ने वैश्विक संदर्भ में डिजिटल शिक्षा के विस्तार पर बल देते हुए विकासशील देशों में तकनीकी समावेशन की आवश्यकता रेखांकित की।
अध्यक्ष आईसीसी, बिहार प्रभात कुमार सिंहा ने शिक्षा एवं उद्योग के समन्वय को आवश्यक बताते हुए एआई आधारित कौशल विकास से रोजगार सृजन पर जोर दिया। आईआईएम, रांची के डॉ प्रशांत मौर्य ने एआई आधारित व्यक्तिगत शिक्षण की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए शिक्षकों के प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन का संचालन डॉ प्रियंका पाठक एवं डॉ रजनी नरसारिया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ शीतल शर्मा ने किया। सम्मेलन के प्रथम दिन के द्वितीय सत्र मे ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से शोध पत्र प्रस्तुतीकरण के समानांतर सत्र आयोजित किया गया जिसमें अनेक शोधार्थियों एवं शिक्षाविदों ने सहभागिता दी। यह सम्मेलन बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल परिवर्तन पर गंभीर विचार-विमर्श हेतू एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
