खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरूद्ध की जायेगी सख्त कार्रवाई।
इंदौर/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद) 23 मार्च।कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार इंदौर जिले में आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा प्रशासन, इंदौर द्वारा दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट की जांच के लिए विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। इसी क्रम में 23 मार्च को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण एवं सैंपलिंग की कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान विभिन्न डेयरी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए दूध एवं दुग्ध उत्पादों के नमूने जांच हेतु लिए गए। इस कार्रवाई के अंतर्गत जोशी दूध दही भंडार, संविद नगर कनाडिया रोड से दूध के 04 नमूने, ओसवाल डेरी संविद नगर कनाडिया रोड से दूध के 03 नमूने तथा गणेश दूध दही भंडार स्वामी विवेकानंद नगर से दूध के 03 नमूने लिए गए।
इसी क्रम में पूजा डेरी वैभव नगर से दूध एवं मावा के 02 नमूने, सोनू राजा डेरी गुलजार कॉलोनी चौराहा से मिश्रित दूध का 01 नमूना, गीता डेरी आनंद बाजार (प्रोपराइटर श्री भरत पाटीदार) से दूध, पनीर एवं दही के कुल 03 नमूने तथा महावीर डेरी आनंद टावर साकेत चौराहा से गाय के दूध का 01 नमूना जांच हेतु संकलित किया गया। सुपर मिल्क प्रोडक्ट साकेत स्क्वेयर इंदौर से चोको हेज़लनट मिल्क का 01 नमूना लिया गया। इस प्रकार आज की कार्रवाई में कुल 18 खाद्य पदार्थो के नमूने जांच हेतु लिए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का पालन करने, परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
लिए गए सभी नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से विश्लेषण रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा बताया गया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


