
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)22 मार्च।महाराजा बहादुर राम रण विजय प्रसाद सिंह महाविद्यालय में आज बिहार दिवस बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्या डा कनक लता कुमारी ने सभी को बिहार दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि 22 मार्च का यह पावन दिन हम सभी बिहारवासियों के लिए गौरव की बात है। सन 1912 में आज ही के दिन बिहार को एक स्वतंत्र पहचान मिली थी, किंतु बिहार का इतिहास हजारों वर्षों पुराना और अत्यंत गौरवशाली रहा है।
उन्होंने कहा कि यह वही भूमि है जहाँ भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ तथा भगवान महावीर ने सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया। नालंदा एवं विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालयों ने कभी पूरे विश्व को शिक्षा का पाठ पढ़ाया और भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने वैशाली को लोकतंत्र की जननी बताते हुए कहा कि यहीं से विश्व को गणतंत्र का पहला पाठ मिला।
प्राचार्या ने स्वतंत्रता संग्राम में बाबू कुंवर सिंह के अदम्य साहस एवं महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहारवासियों ने सदैव अन्याय के विरुद्ध खड़े होकर साहस का परिचय दिया है।
आगे उनहोंने कहा,बिहार का गौरव हमारे ज्ञान, परिश्रम एवं सदाचार में निहित है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापकगण भी उपस्थित थे जिनमें डॉ. रविंद्र कुमार (मनोविज्ञान विभाग), डॉ. सूचि स्नेहा (हिंदी विभाग), डॉ. प्रज्ञा राय (राजनीति शास्त्र), डॉ. अमृतांशु कुमार (इतिहास विभाग), डॉ. विजेंदर कुमार (वनस्पति विभाग) एवं डॉ. अमित कुमार (राजनीति शास्त्र विभाग) प्रमुख थे। सभी प्राध्यापकों ने बिहार की गौरवशाली परंपरा, उसकी सांस्कृतिक विरासत तथा राज्य की गरिमा पर अपने विचार व्यक्त किए।

