
आरा/ भोजपुर (अतुल प्रकाश)27 फरवरी।प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आदरणीय जस्टिस सूर्यकांत जी भ्रष्टाचार के पक्ष में है इसी कारण स्वत: स्वयं से संज्ञान लेते हुए आठवीं कक्षा के सामाजिक विज्ञान के उस चैप्टर पर रोक लगा दी है जिसमें जुडिशरी करप्शन के विषय में बताया है।
क्या है पूरा मामला?
सभी को पता है कि 8वीं कक्षा की किताब से न्यायपालिका के बारे में लिखा गया हिस्सा हटाया जाएगा – आपको बता दें कि NCERT की इस नई किताब में बताया गया है कि हमारी अदालतों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन चुनौतियों में भ्रष्टाचार भी एक है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट से लेकर बाकी तमाम अदालतों में लंबित पड़े मामलों का भी जिक्र किया गया है और इसे भी बड़ी चुनौती बताया गया है।
कहा जा रहा है कि ऐसी चीजें लिखी नहीं जानी चाहिए थी। साथ ही किताब में लिखे उस हिस्से पर भी ऐतराज जताया गया है जिसमें खास तौर पर न्यायपालिका के बारे में बातें कही गई थीं। सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि छात्रों के लिए प्रेरमादायक बातें लिखी जानी चाहिए थीं। इस किताब में सकारात्मक बातें होनी चाहिए
साथ ही जस्टिस गवई को कोट करना ठीक नहीं है। इस मसले पर आज मुख्य न्यायाधीश ने भी अप्रसन्नता व्यक्त की है। कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट खुद ही संज्ञान लेकर सुनवाई कर सकता है। आपको बता दें कि आठवीं की सोशल साइंस की किताब में कोर्ट में लंबित मामलों और न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की बात लिखी गई है।
NCERT यानी नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग की तरफ से तमाम क्लासेस के सिलेबस में लगातार बदलाव किया जाता है। अब NCERT ने कक्षा 8 की नई सोशल साइंस की नई किताब जारी की है, जिसमें एक चैप्टर को लेकर खूब चर्चा हो रही है। इस नई किताब में भारतीय न्यायपालिका यानी न्यायपालिका की भूमिका को बताया गया है। साथ ही इसमें भ्रष्टाचार की भी बात कही गई है. किताब में लिखा गया है कि हमारे ज्युडिशियल सिस्टम में अलग-अलग स्तरों पर भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है.
न्यायपालिका के सामने बड़ी चुनौती
NCERT कक्षा 8 की इस नई किताब में बताया गया है कि हमारी अदालतों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन चुनौतियों में भ्रष्टाचार भी एक है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट से लेकर बाकी तमाम अदालतों में लंबित पड़े मामलों का भी जिक्र किया गया है और इसे भी बड़ी चुनौती बताया गया है। किताब में पेंडिंग केसों का डेटा भी दिया गया है। भ्रष्टाचार की बात को साबित करने के लिए पूर्व चीफ जस्टिस बीआर गवई के एक बयान को भी इस चैप्टर में शामिल किया गया है, जिसमें उन्होंने न्यायपालिका के भीतर खामियों की बात कही थी।
इससे पहले इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी टिप्पणी की थी। सुप्रीम कोर्ट ने NCERT क्लास 8 के ज्यूडिशियल करप्शन वाले कंटेंट पर गंभीर चिंता जताई है। CJI सूर्यकांत ने कहा था कि उन्होंने इस पर संज्ञान लिया है और वे खुद से कार्रवाई कर सकते हैं। उन्होंने कहा था कि मैं किसी को भी संस्था को बदनाम करने की इजाजत नहीं दूंगा। कानून अपना काम करेगा।’ इस मामले को अदालत में सीनियर वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने सीजेआई के सामने उठाया।उन्होंने कहा कि वे इस बात से विचलित हैं कि स्कूली छात्रों को इस तरह की सामग्री पढ़ाई जा रही है।

