
पटना/बिहार (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)24 फरवरी।बिहार राज्य अभिलेखागार निदेशालय, पटना द्वारा 24 फरवरी को अभिलेख प्रबंधन एवं सरंक्षण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बिहार राज्य के सभी जिलों के भूमि सुधार उप समाहर्त्ता ने भाग लिया । कार्यशाला में अभिलेखागार के महत्व एवं उसकी कार्यप्रणाली के बारे में कहा गया कि अभिलेख प्रबंधन सुशासन की नींव है। अभिलेख प्रबंधन के महत्वपूर्ण अभिलेखों का चुनाव, अनावश्यक अभिलेखों की छटाई एवं अभिलेखों की संदर्भ सूची तैयार करने के संबंध में चर्चा की गई।अभिलेख अधिकारियों के दायित्वों एवं कर्तव्यों के संबंध में भी प्रकाश डाला गया। अभिलेख प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलू उन्हें भविष्य के लिए सरंक्षित किया जाना भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभिलेख निदेशक डॉ. मो. फैसल अब्दुल्लाह ने इस प्रकार की कार्यशाला के आयोजन की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिहार राज्य में अभिलेख प्रबंधन एवं सरंक्षण हेतु बिहार राज्य अभिलेखागार सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। खुदा बक्श ओरियंटल लाइब्रेरी के सरंक्षण विशेषज्ञ डॉ. मो. नूरउद्दीन अन्सारी ने अभिलेख सरंक्षण के वैज्ञानिक पद्धति की जानकारी दी जिससे कि अभिलेखों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सका।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक निदेशक उदय कुमार ठाकुर, मो. असलम, डॉ. रश्मि किरण, डॉ. भारती शर्मा, डॉ. शारदा शरण, राम कुमार सिंह, सरपंच राम, डॉ. पल्लवी आनंद एवं अभिलेखागार के समस्त कर्मचारियों ने योगदान दिया।

