
RKTV NEWS/देवघर (झारखंड) 16 फरवरी।जिले के घोरमारा की गुड़िया कुमारी साहू आज महिला सशक्तिकरण की एक जीवित मिसाल बन गई हैं। कभी छोटे स्तर से शुरुआत करने वाली गुड़िया दीदी की मेहनत का स्वाद आज गूँज रहा है। गुड़िया कुमारी साहू ने छोटे ऋण से बड़ी सफलता की कहानी लिखी है। वर्ष 2020 में पीहू सखी मंडल से जुड़कर ₹30,000 के ऋण से उन्होंने पेड़े की दुकान शुरू की। आज वे गुरुग्राम में लगे सरस मेले के फूड कोर्ट, स्टॉल नं 15 पर पलाश पेड़ा बेच रही हैं, जहाँ लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। एक दिन की बिक्री ₹30,000 से ₹35,000 तक पहुँच रही है। वे स्वयं गाय-भैंस के दूध से खोया तैयार करती हैं और 900 ग्राम खोया में 100 ग्राम शक्कर व इलायची मिलाकर शुद्ध देसी पेड़े बनाती हैं।
उनके पेड़े ₹50 में 2 पीस और ₹600 प्रति किलो बिक रहे हैं। समूह के सहयोग से गुड़िया दीदी आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रही हैं।
गुड़िया कुमारी साहू की यह कहानी बताती है कि यदि महिलाओं को सखी मंडल जैसे समूहों के माध्यम से सही मार्गदर्शन और वित्तीय सहयोग मिले, तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि दूसरों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर सकती हैं।
शून्य से शिखर तक का सफर
वर्ष 2020 में ‘पीहू सखी मंडल’ का हिस्सा बनकर गुड़िया ने ₹30,000 का लघु ऋण लिया। इस छोटी सी राशि से उन्होंने पेड़े का व्यवसाय शुरू किया। आज वही व्यवसाय इतना विस्तृत हो चुका है कि गुरुग्राम में आयोजित सरस मेले के फूड कोर्ट (स्टॉल नं. 15) पर उनके ‘पलाश पेड़ा’ की एक दिन की बिक्री ₹30,000 से ₹35,000 तक पहुँच गई है।
