
उपविकास आयुक्त गुंजन सिंह ने प्रेस वार्ता कर दी वीबी-जी रैम जी अधिनियम, 2025 की जानकारी।
आरा/ भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)10 फरवरी।उप विकास आयुक्त भोजपुर गुंजन सिंह द्वारा विकसित भारत – रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 से संबंधित एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें योजना के उद्देश्यों, प्रावधानों एवं कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि संसद द्वारा हाल ही में पारित “विकसित भारत – रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी रैम जी अधिनियम, 2025” देश के ग्रामीण परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जिसके तहत रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इस अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं में बेरोजगारी भत्ता का अधिकार, समय पर मजदूरी भुगतान एवं विलंब होने पर प्रतिदिन मुआवजा, ग्राम स्तर पर योजना निर्माण की स्वतंत्रता, तथा ग्राम सभा के माध्यम से विकसित ग्राम पंचायत योजना का निर्माण शामिल है। योजना के अंतर्गत कार्यों की चार प्रमुख श्रेणियाँ—जल सुरक्षा एवं संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने से संबंधित कार्य—निर्धारित की गई हैं, जो समग्र विकास एवं स्थायी आजीविका का आधार बनेंगी। इसके साथ ही विभागों के एकीकरण, पारदर्शिता, कृषि कार्यों के दौरान 60 दिनों की अवधि में योजना के कार्य स्थगित रखने, तथा प्रशासनिक मद की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किए जाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा के अंतर्गत वर्तमान में चल रहे सभी कार्य सुरक्षित हैं और निर्बाध रूप से जारी रहेंगे, तथा वीबी-जी रैम जी अधिनियम के पूर्ण रूप से लागू होने पर ग्रामीणों को 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार एवं बढ़ी हुई मजदूरी दरों का लाभ प्राप्त होगा।
