‘पेइंग गेस्ट’, ‘बेबी’ और ‘पत्र’ नाटकों के मंचन से विद्यार्थियों ने जीता दर्शकों का दिल।

कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा ने दी बधाई; बोलीं- भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे रचनात्मक आयोजन।
खैरागढ़/छग (रवींद्र पांडेय) 10 फरवरी। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा के संरक्षण में आयोजित तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव का समापन विद्यार्थियों की प्रभावशाली और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के साथ हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन ‘पेइंग गेस्ट’, ‘बेबी’ एवं ‘पत्र’ नाटकों का मंचन किया गया, जिन्हें दर्शकों से खूब सराहना मिली। महेंद्र आर्य द्वारा लिखित नाटक ‘पेइंग गेस्ट’ का निर्देशन हर्ष अग्रवाल ने किया। यह नाटक मध्यमवर्गीय परिवारों के दैनिक संघर्ष, आर्थिक मजबूरियों और अप्रत्याशित परिस्थितियों के बीच पारिवारिक संतुलन को सजीव ढंग से प्रस्तुत करता है। घर में एक अजनबी के प्रवेश से पारिवारिक संबंधों और दिनचर्या में आने वाले बदलावों को हास्य और नाटकीयता के मिश्रण के साथ दर्शाया गया। नाटक यह संदेश देता है कि छोटी-सी घटना भी किस तरह बड़े बदलाव का कारण बन सकती है।
वहीं, विजय तेंदुलकर द्वारा रचित ‘बेबी’ एक अत्यंत मार्मिक और यथार्थवादी नाटक है, जिसका निर्देशन डॉ. प्रमोद पांडे (अतिथि व्याख्याता, थियेटर विभाग) ने किया। यह नाटक मानवीय शोषण, हिंसा और शक्ति के दुरुपयोग के अंधेरे पक्ष को उजागर करता है। ‘बेबी’ नामक एक बेसहारा महिला के जीवन के माध्यम से समाज की उस कठोर सच्चाई को सामने रखा गया, जहां इंसानियत दम तोड़ती नजर आती है। नाटक ने दर्शकों को गहराई से झकझोर दिया। अंतिम प्रस्तुति के रूप में धर्मवीर भारती द्वारा रचित नाटक ‘पत्र’ का मंचन किया गया, जिसका निर्देशन अमित कुमार पटेल ने किया। इस नाटक ने भावनात्मक संवेदनाओं और मानवीय संबंधों को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय में पहली बार इस तरह का नाट्य महोत्सव आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम वर्ष से लेकर अंतिम वर्ष तक के विद्यार्थियों को मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच मिलता रहे। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी निर्देशकों, आयोजकों और विद्यार्थियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव का संचालन रिशु, दिशा, आयान एवं विभूति ने किया। इस अवसर पर अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजन यादव, कुलसचिव वेंकट रमन गुडे, सहायक प्राध्यापक डॉ. कौस्तुभ रंजन, अतिथि व्याख्याता डॉ. शिशु कुमार, डॉ. प्रमोद पांडे सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

