
आरा/भोजपुर (अजय गुप्ता “अज्ञानी”)04 फरवरी। बिहार का बजट उम्दा रहा वर्तमान बजट में बुजुर्ग, किसान, महिला,युवा,उद्यमी,कलाकारों को ध्यान रखा गया। साथ ही शिक्षा-स्वास्थय को विशेष तब्बजो दी गई, ग्रामीण विकास, उर्जा, नगर विकास, ग्रामीण कार्य, पंचायतीराज, समाज कल्याण,पथ निर्माण को धुरी में रख विकास की नई आयाम गढ़ने के तरफ कदम बढ़ती दिखी। अब इसे धरातल पर उतारने के लिए ईमानदार पहल और भ्रष्टाचार मुक्त कार्य धरातल पर कैसे उतरे इसके लिए सरकार को होमवर्क करना होगा। साथ ही बेरोजगारी दूर करने की पहल नाकाफी दिखी सरकारों को बेरोज़गारी दूर करने के लिए विशेष फोकस होना चाहिए क्योंकि हमारे युवा धन बेकार हो रहे है। और बैठे बैठे स्पायर हो रहे है हम इनके क्षमता को विशेष उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इस ओर सरकार को ध्यान रखना चाहिए और मिशन मोड़ में बेरोज़गारी दूर करने पर सरकार का विशेष ध्यान होना चाहिए। हमें ऐसे शिक्षित नागरिक तैयार करना है कि देश/विश्व के लिए मजदूर नहीं अफसर प्रोवाइड करें। विकास का मायने तभी सकार हो सकते हैं जब चिंता मुक्त हमारे युवा पीढ़ी हो इनके जूनून, सपने, काम करने की जज्बे जिंदा रहनी चाहिए। जब चिंता मुक्त युवा रहेंगे तो मजबूत राष्ट्र का निर्माण होगा। इसके लिए हमें एक उत्तम अभिभावक बनना होगा।
तकनीकी यूनिवर्सिटी, और अखिल भारतीय लेवल की मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज खुलने चाहिए। और कम्पनियों में अवसरों/मांगों के हिसाब से शैक्षणिक व्यवस्था होना चाहिए ताकि उच्च शिक्षा धारी खुद में बोझ नहीं बोझ उठाने वाला बने। हम एक कुशल युवा देश/विश्व को दें सके। हमें ऐसा शिक्षित युवा तैयार करना होगा ताकि वो देश/विश्व के लिए बोझ नहीं बल्कि आवश्यकता बन जाए इसके लिए हमें शिक्षा के क्षेत्र में नर्सरी लेबल से सार्थक इमानदार भ्रष्टाचार मुक्त पहल करना होगा। हमें अवसर के हिसाब से गुणवत्तापूर्ण सस्ती सबके लिए सुलभ शिक्षा मुहैया कराना होगा ताकि कॉम्पटेटिव परीक्षा और स्कूली शिक्षा में गहरा तालमेल हो। देश के सभी बच्चे हमारे मूलधन हैं सब बिना भेद भाव के सब पढ़ें सब आगे बढ़े सबों पर हमारा नाज़ है।
