विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां।

नाटकों के माध्यम से नारी शक्ति के प्रति किया गया जागरूक।

विद्यार्थियों ने हिन्दी,संस्कृत और अंग्रेजी भाषा में भाषण प्रतियोगिता में दिखाए अपनी प्रभावशीलता।

बदलते दौर में सोशल मीडिया और आभासी प्रभावों से बच्चों को सकारात्मक दिशा प्रदान करना प्रबंधन का दायित्व: प्रधानाचार्य

बच्चों में सामाजिक, परिवारिक और नैतिक मूल्यों के विकास हेतु विद्यालय और अभिभावकों को समुचित वातावरण तैयार करने की है आवश्यकता: प्रबंधन

सकारात्मक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देख विद्यालय प्रबन्धन के प्रति अभिभावकों ने जताया आभार।
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)26 जनवरी।77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर स्थानीय भगवती शिशु प्रभात शिक्षा केन्द्र में हर्षोल्लास और गरिमा के साथ झंडोत्तोलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय के व्यवस्थापक विश्वनाथ प्रसाद एवं प्रधानाध्यापक सरोज प्रकाश रंजन द्वारा नियत समय पर तिरंगा फहराया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। सर्वप्रथम प्रिया कुमारी एवं नैना कुमारी द्वारा प्रस्तुत “आरंभ है प्रचंड” ग्रुप नृत्य ने दर्शकों को तालियाँ बजाने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद वंदना ग्रुप द्वारा महाभारत पर आधारित नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम को एक आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों को बच्चों के जीवन में उतारने का सार्थक प्रयास देखने को मिला। समाज में नारी को लेकर फैली कुरीतियों पर आधारित नाटक “अब नारी अबला नहीं रही” ने दर्शकों को गहराई से सोचने पर विवश किया। वहीं “राधा रानी लागे”, “ये प्रयागराज है” तथा जन्माष्टमी पर आधारित प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
देश का संविधान बने 77 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्यालय द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत नाट्य एवं नृत्य प्रस्तुतियाँ कराई गईं। झंडोत्तोलन के पश्चात अपराह्न दो बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहा। सैकड़ों अभिभावकों की उपस्थिति में बच्चों की प्रस्तुतियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अभिभावकों ने कहा कि “ऐसा विद्यालय वही होता है, जहाँ शिक्षा के साथ संस्कार और देशभक्ति का भी बीजारोपण किया जाता है।”
कार्यक्रम के दौरान एक अभिभावक अशोक कुमार देशभक्ति के रंग में इतने सराबोर हो गए कि उन्होंने प्रधानाचार्य से मंच से एक देशभक्ति गीत प्रस्तुत करने का आग्रह कर दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्या ने भारतीय संविधान की गरिमा, उसके आदर्शों एवं नागरिक कर्तव्यों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में सोशल मीडिया और आभासी प्रभावों से बच्चों को सकारात्मक दिशा देना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
अनुशासन, परोपकार, बंधुत्व, सामाजिक-पारिवारिक दायित्व और नैतिक मूल्यों का विकास तभी संभव है, जब विद्यालय और अभिभावक मिलकर एक समुचित वातावरण तैयार करें।
उन्होंने वर्तमान शैक्षणिक सत्र की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए “शिक्षा, सेवा और संस्कार” के प्रति अपने संकल्प को दोहराया।
इस अवसर पर बच्चों ने हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी में प्रभावशाली भाषण दिए।
छोटे-छोटे बच्चों ने राष्ट्रनायकों और शहीदों का स्वांग प्रस्तुत किया, वहीं कक्षा छठी एवं सातवीं के छात्र-छात्राओं ने गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से वीर सैनिकों के शौर्य, त्याग और बलिदान को जीवंत कर दिया।
शिक्षक संजीव प्रकाश रंजन के निर्देशन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सफल मंच संचालन कक्षा सातवीं की छात्राओं सुहानी, आरोही, अनुष्का, संजना, निःशु, रिया, सुनिधि एवं मान्या मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के सहयोग से यह भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


