नौजवानों के भविष्य और सरकार विषय पर आरवाईए ने किया यूथ कन्वेंशन।

रोहित वेमुला को 10वें बरसी पर दी गई श्रद्धांजलि।

पटना के संभु होस्टल में जघन्य अपराध की शिकार हुई नीट की छात्रा को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगा आरवाईए।
RKTV NEWS/आरा(भोजपुर)17 जनवरी।इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) भोजपुर जिला कमेटी की ओर से नौजवानों के भविष्य और सरकार विषय पर एक भव्य यूथ कन्वेंशन का आयोजन क्रांति पार्क, जवाहर टोला, आरा में किया गया। इस कन्वेंशन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया।
कन्वेंशन के मुख्य वक्ता आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं डुमरांव के पूर्व विधायक अजित कुशवाहा थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आरवाईए के राज्य सचिव एवं अगिआंव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन शामिल हुए।
कन्वेंशन की शुरुआत रोहित वेमुला की 10 बरसी पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ।
कन्वेंशन में मौजूद युवाओं ने डबल इंजन सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।
मुख्य वक्ता अजित कुशवाहा ने कहा कि देश और बिहार की सरकारें नौजवानों को नौकरी और उनके भविष्य के सवाल पर सत्ता में आती हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद इन मुद्दों को भूलकर युवाओं को नफरत की राजनीति की ओर धकेल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के सवाल पर सांप्रदायिकता के नाम पर कॉलेजों की मान्यता तक रद्द की जा रही है, ताकि देश में लगातार साम्प्रदायिक माहौल बना रहे।
उन्होंने कहा कि यह सरकार गंगा-जमुनी तहज़ीब को बर्बाद करना चाहती है। जब देश के सुरक्षा सलाहकार सोमनाथ मंदिर का बदला लेने की बात करते हैं, तो सवाल उठता है कि बदला किससे लिया जाएगा? मोहम्मद गजनवी तो आज मौजूद नहीं है, न ही उनका कोई परिवार आज है।
अजित कुशवाहा ने कहा कि भाजपा नफरत की राजनीति के ज़रिए नौजवानों को उनके वाजिब सवालों—रोज़गार, शिक्षा और भविष्य—से भटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि देश के प्रधानमंत्री नौजवानों को रील बनाने और पकौड़े बेचने को रोज़गार बता रहे हैं। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीते बीस वर्षों में युवाओं के रोज़गार का सवाल हल नहीं कर पाए।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग लगाने से युवाओं को रोज़गार मिलेगा? आरवाईए ने मांग की थी कि बेरोज़गार युवाओं को ₹10,000 प्रतिमाह बेरोज़गारी भत्ता दिया जाए, लेकिन सरकार सिर्फ ₹1,000 देने की बात कर रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में देश के नौजवानों को आंदोलन के रास्ते पर आना होगा। सवाल यह है कि इस आंदोलन का नेतृत्व कौन करेगा। आरवाईए नौजवानों को संगठित कर इस संघर्ष का नेतृत्व करने और अगुआ भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कन्वेंशन में आरवाईए के राज्य सचिव शिवप्रकाश रंजन ने कहा कि पिछली सरकार के मुखिया नीतीश कुमार ने 20 लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था और मौजूदा चुनाव में एक करोड़ रोजगार देने की घोषणा की गई थी। लेकिन सरकार ने अब तक इन वादों को पूरा करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
उन्होंने कहा कि इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) पूरे बिहार में नौजवानों को संगठित करते हुए एक व्यापक अभियान चलाएगी और आगामी बजट सत्र में रोजगार के सवाल पर बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी।
कन्वेंशन में रोहित वेमुला की शहादत को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तथा पटना के संभु होस्टल के नीट की छात्रा को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया गया।
कन्वेंशन का संचालन जिला अध्यक्ष निरंजन केसरी ने किया।
इस कन्वेंशन में प्रमुख्य लोगो मे जिला अध्यक्ष निरंजन केशरी, विशाल कुमार, अखिलेश, हरिनारायण, राजेश कुमार गुप्ता, अमित, धीरेन्द्र आर्यन, अप्पू कुमार यादव, इमरान, कमलेश, वीर बहादुर, पिंटू कुमार, कामेंद्र, अनूप, रंजीत नागेन्द्र, प्रदीप, अजीत पासवान शामिल थे।

