RK TV News
खबरें
Breaking News

देहरादून : RTI कानून भारतीय लोकतंत्र की आत्मा और पारदर्शी शासन व्यवस्था की आधारशिला है: मुख्यमंत्री

सचिवालय में RTI कानून के 20 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रम आयोजित।

RKTV NEWS/देहरादून (उत्तराखंड)09 जनवरी।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने RTI Act (सूचना का अधिकार कानून) के लागू होने के 20 वर्ष पूर्ण होने पर आज सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने RTI Act के तहत सराहनीय कार्य करने वाले 5 लोक सूचना अधिकारियों तथा 5 अपीलीय अधिकारियों को सम्मानित किया।
सम्मानित होने वाले अधिकारियों में DM बागेश्वर आकांक्षा कोंडे (तत्कालीन CDO हरिद्वार), CDO देहरादून अभिनव शाह, SSP टिहरी आयुष अग्रवाल, उपसचिव लोक सेवा आयोग उत्तराखण्ड डॉ. प्रशांत, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा एस.एस. चौहान, अनुसचिव उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग राजन नैथानी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली पिथौरागढ़ ललित मोहन जोशी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रामनगर वन प्रभाग कमला शर्मा, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा लियाकत अली खान और DDO हरिद्वार वेद प्रकाश शामिल हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि RTI Act भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है और पारदर्शी शासन व्यवस्था की आधारशिला है। इस Act ने शासन और नागरिकों के बीच विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही का एक नया अध्याय खोला है। उन्होंने कहा कि इस कानून ने प्रत्येक नागरिक को शासन की नीतियों, निर्णयों और कार्यप्रणाली को समझने, प्रश्न पूछने और जवाबदेही सुनिश्चित करने का अधिकार प्रदान किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की शासन व्यवस्था में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस, ई-ऑफिस, ऑनलाइन पोर्टल, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और जन-सुनवाई जैसे माध्यमों ने शासन और जनता के बीच संबंध को और मजबूत बनाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार पारदर्शी, उत्तरदायी और जनोन्मुखी शासन व्यवस्था की दिशा में सतत कार्य कर रही है। राज्य में प्रशासनिक प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण किया गया है और अधिकांश सरकारी सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे नागरिकों को जानकारी और सेवाओं की उपलब्धता में सुगमता आई है।
मुख्यमंत्री ने RTI ऑनलाइन पोर्टल और आयोग की हाइब्रिड सुनवाई व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इससे न्याय प्रक्रिया और भी सुलभ हुई है। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य सूचना आयोग में 13 लाख से अधिक RTI आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अधिकांश का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। वर्तमान में केवल 700 प्रकरण लंबित हैं, जो आयोग की दक्षता का प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने नागरिक अधिकारों की रक्षा में प्रशंसनीय भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि RTI जितना महत्वपूर्ण है, उतनी ही इसके उपयोग में जिम्मेदारी भी आवश्यक है। कुछ मामलों में इस अधिनियम का दुरुपयोग देखा गया है, जिस पर रोक लगाने के लिए जनजागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग उन सूचनाओं को अपनी वेबसाइट पर नियमित रूप से प्रदर्शित करे, जिनकी बार-बार मांग की जाती है, ताकि नागरिकों को स्वतः जानकारी मिल सके और पारदर्शिता बढ़े।
इस अवसर पर मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी, राज्य सूचना आयुक्त देवन्द्र कुमार आर्य, दलीप सिंह कुंवर, कुशलानन्द, उत्तराखण्ड अवस्थापन अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर आदि मौजूद थे।

Related posts

गृह मंत्री ने साइबर धोखाधड़ी न्यूनीकरण केंद्र (CFMC) राष्ट्र को समर्पित किया और समन्वय प्लेटफॉर्म (संयुक्त साइबर अपराध जांच सुविधा प्रणाली), ‘Cyber Commandos’ कार्यक्रम और Suspect Registry का शुभारंभ किया।

rktvnews

दैनिक पञ्चांग : 02 दिसंबर 25

rktvnews

सारण:शिक्षा विभाग, जीविका एवं पंचायती राज विभाग के आपसी सामंजस्य से फ़ाइलेरिया मुक्त पंचायत का स्वप्न होगा साकार:केदार प्रसाद

rktvnews

वायु सेना स्टेशन तंजावुर में हेलीकाप्टर यूनिट शामिल की गई।

rktvnews

पटना : शिक्षा जगत ने खोया अपना अभिभावक।

rktvnews

दैनिक पञ्चांग : 07 नवम्बर 25

rktvnews

Leave a Comment