
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)02 जनवरी।शिवादी क्लासिक सेंटर ऑफ आर्ट एंड म्युजिक द्वारा आयोजित दो दिवसीय संगीत समारोह नव वर्ष के स्वागत के साथ संपन्न हुआ। नव वर्ष के स्वागत में शास्त्रीय संगीत के कलाकारों ने स्वर लय ताल व छंदो से सजावट की। द्वितीय निशा का उद्घाटन कवि जनमजय ओझा एवं रंगकर्मी सह फिल्म अभिनेता कृष्ण यादव कृष्णेन्दू ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर कवि जनमजय ओझा ने कहा कि आरा मे शास्त्रीय संगीत की प्राचीन परंपरा रही है। वही कृष्ण यादव कृष्णेन्दू ने कहा कि आरा अपने प्राचीन सांस्कृतिक गौरव को पुनः पाने की ओर अग्रसर है। युवा पीढी में असीम प्रतिभा एवं सम्भावनाएँ हैं। कार्यक्रम में शास्त्रीय गायिका विदुषी बिमला देवी ने राग मारू विहाग में बिलंबित एकताल की बंदिश “घरवा नही आये मोर पियरवा” तीनताल मध्य लय की बंदिश “मैं क्या जानू बालम प्रीत तिहारी” दादरा “अंधेरी है रात पिया रहियो कि जईयो” व बेदर्दी बालमा मोरा प्रीत ना जाने ” प्रस्तुत कर समां बाँधा। कथक नृत्यांगना स्नेहा पांडेय ने नयनाभिराम कथक प्रस्तुति से वाहवाही लूटी। स्नेहा ने गणेश वंदना, उपज, ठाट, उठान, आमद, तोड़ा टुकड़ा, परन व तिहाई से दर्शकों का मन मोह लिया। हारमोनियम संगत अजीत पांडेय व तबला संगत गुरु बक्शी विकास न किया। मंच संचालन आदित्या श्रीवास्तव व धन्यवाद ज्ञापन श्रेया पांडेय ने किया।
