
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)01 जनवरी। बुधवार को स्वतंत्रता सेनानी मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वावधान में डॉ कमल कुमारी सिंह की अध्यक्षता में स्व. आचार्य हवलदार त्रिपाठी सहृदय जी की पुण्यतिथि की पूर्वसन्ध्या में “सहृदय-स्मृति” समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में डॉ नंदजी दूबे, कमल कुमारी सिंह, कृषणचंद दूबे, ममता मिश्र, जितेंद्र कुमार समीक्षक, डॉ नथुनी पाण्डेय, संजय कुमार चौबे, श्याम नंदन ओझा, पद्मश्री भीम सिंह भवेश, चंद्रमा दूबे, अधिवक्ता राजनाथ सिंह, अधिवक्ता इंद्रदेव पाण्डेय, कृष्र्णेन्दु, जन्मेजय ओझा आदि अन्य हिन्दी साहित्य जगत के कई गणमान्य लोगों ने भाग लिया। कृष्णचंद्र दूबे ने आचार्य हवलदार त्रिपाठी ‘सहृदय’ जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि ‘सहृदय जी’ बिहार ही नहीं, भारत के एक महान साहित्य साधक थे। उन्होनें साहित्य संस्कृति एवं पुरातत्व के अध्यन में अपना जीवन समर्पित कर दिया। डॉ नंदजी दूबे ने सहृदय जी की पुस्तक भोजपुरी मेघदूत से कुछ पदों का गायन भी किया जो अत्यंत कर्णप्रिय था। संजय कुमार चौबे ने भी सहृदय जी के साहित्य मे किये गए योगदान का विस्तृत विवेचन किया। जितेंद्र कुमार ने अपने शब्दों में सहृदय जी के बहुआयामी व्यक्तित्व से समारोह मे उपस्थित सभी लोगों को अवगत कराया। कृष्र्णेन्दु ने अपने विचार मे कहा कि सहृदय जी के साहित्यिक जीवन पर एक डॉक्यूमेंटरी फिल्म बननी चाहिए, अन्य उपस्थित सम्मानीय लोगों ने अपनी श्रद्धांजलि दी और विचार रखे।
