करोड़ो के व्यवसाय से महिलाओं के चेहरे पर खिल रही मुस्कान।

4 दिनों में 3 करोड़ 84 लाख 51 हजार रुपयों की हुई रिकॉर्ड बिक्री।

काठ के बने रंगीन घोड़ों की बढ़ रही मांग।

जीविका मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा ने किया भ्रमण,कुशल प्रबंधन और स्वच्छता की सराहना की।

पशु सखियों के पांच दिवसीय क्षमतावर्धन कार्यशाला की हुई शुरुआत।

जैक गिटार क्लासेज के छात्र छात्राओं द्वारा आधुनिक वाद्य यंत्रों से पुराने गीतों की प्रस्तुतियो ने बांधा समां।
RKTV NEWS/पटना(बिहार)16 दिसंबर।सरस मेला में सुसज्जित हर स्टॉल पर हुनरमंद और आत्मनिर्भर महिलाओं की सफलता की कहानी परिलक्षित है। ग्रामीण महिलाओं के हुनर को प्रोत्साहन देते हुए उन्हें स्वयं सहायता समूह से जोड़कर प्रशिक्षण, आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन देते हुए उनके कुशल उद्यमी बनकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की भी दास्ताँ विभिन्न स्टॉल पर प्रदर्शित है।
ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से बिहार सरस मेला ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार के तत्वाधान में जीविका द्वारा २८ दिसंबर 25 तक आयोजित है l मेला में प्रवेश निःशुल्क है l इस मेला में बिहार समेत 25 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुडी महिला उद्यमी और स्वरोजगारी शिरकत कर रही हैं l
देश भर की स्वयं सहायता समूह से जुडी लगभग तीन सौ कुशल महिला उद्यमी के तौर पर अपने –अपने प्रदेश के हस्तशिल्प और देशी व्यंजनों को लेकर आई हैं l इनके द्वारा उत्पादित शिल्प, कलाकृतियों एवं व्यंजनों के प्रति आगंतुकों का आकर्षण देखते ही बन रहा है l लोग अपने घर-दुकान और परिवार के लिए मनपसंद उत्पादों मी जमकर खरीददारी कर रहे हैं l आम से लेकर खास लोग मेला में आ रहे हैं l
मंगलवार को हिमांशु शर्मा, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका ने सरस मेला का जायजा लिया l उन्होंने स्वच्छता और कुशल प्रबंधन की की तारीफ़ की।इसके साथ ही कई गणमान्य मेला में आये उत्पादों की खरीददारी करते हुए मेला के आयोजन को सराहा।
सरस मेला में बिक रहे उत्पादों और व्यजनो के प्रति लोगों का क्रेज इतना है कि महज 4 दिनों में 3 करोड़ 84 लाख 51 हजार रुपये का व्यवसाय हुआ है l 4 दिन में अनुमानत: 2 लाख 76 हजार लोग आये और खरीददारी करते हुए देशी व्यंजनों का लुत्फ़ उठाया l
सरस मेला परिसर में बिहार सरस रसोई परिसर में दीदी की रसोई समेत 50 व्यंजनों के स्टॉल पर देशी, पौष्टिक आहार और विभिन्न प्रदेशों की मशहूर मिठाइयां आगंतुकों को लुभा रही है l फन ज़ोन ,पालना घर और बाईस्कोप आकर्षण के खास केंद्र बने हुए हैं l
सेमिनार कक्ष में मंगलवार से बिहार के सभी प्रखंडों में सेवारत पशु सखियों का पांच दिवसीय क्ष्मतावर्धन कार्यशाला शुरू हुई l कार्यशाला का शुभारंभ डा. एन. विजयलक्ष्मी शर्मा , अपर मुख्य सचिव , डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार ने किया l इस अवसर पर हिमांशु शर्मा, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी , जीविका की भी बतौर विशिष्ट अतिथि गरिमामयी उपस्थिति रही l कार्यक्रम की अध्यक्षता उज्जवल कुमार सिंह, निदेशक (पशुपालन), डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार ने किया l डा. सुनील कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक( पशुपालन) डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार भी उपस्थित रहे l सेमिनार कक्ष में आयोजित कार्यक्रम की संयोजक श्रीमती फ़रहत प्रवीण , युवा पेशेवर, जीविका हैं l
मंगलवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत जैक गिटार क्लासेज के छात्र-छात्राओं द्वारा पुराने गीतों को आधुनिक वाद्य यंत्रो में पिरोकर प्रस्तुति की गई l “तेरा मेरा प्यार अमर है” और “पल –पल दिल के पास तुम रहती हो” जैसे गीतों की आधुनिक यस्न्त्रों के साथ प्रस्तुति ने दर्शकों को झुमाया।तत्पश्चात अरुण एंड ग्रुप के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत बिहार के लोक गीत एवं नृत्यों की प्रस्तुति की गई l झिझिया के तहत “हाली हाली बरसे इन्द्र देवता” समेत अन्य लोक गीत एवं नृत्यों ने दर्शकों की वाहवाही बटोरी l राहुल सहनी ने अपनी गायन से शमा बांधा l मंच संचालन नाज़िश बानो, राज्य परियोजना प्रबंधक, जीविका एवं कार्यक्रम सयोजन निगम, युवा पेशेवर, जीविका ने किया।

