
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)12 दिसंबर।विद्या भवन सभागार में जिला पदाधिकारी, भोजपुर के आदेश के आलोक में जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण से संबंधित जिला स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, भोजपुर द्वारा उपस्थित सभी पदाधिकारी एवं कर्मियों का स्वागत किया गया एवं जन्म-मृत्यु निबंधन से संबंधित विन्दुओं पर विस्तार से जानकारी दी गयी। मास्टर प्रशिक्षक के रूप में श्री अभय कुमार पुरी, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी, भोजपुर ने जन्म-मृत्यु निबंधन अधिनियम 1969 से संबंधित आवश्यक जानकारी दी। जिसमें अधिनियम की धाराओं पर प्रकाश डालते हुए निबंधन की बारीकियों पर भी प्रकाश डाला। साथ ही राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिनियम में किये गए संशोधन पर भी विस्तृत रुप से चर्चा की गयी। निबंधन में आ रही कठिनाईयों को दूर करने से संबंधित मुख्य रुप से विलंब शुल्क, गुमशुदा व्यक्तियों के मृत्यु निबंधन संबंधी जानकारी, स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा मृत्यु के कारणों का चिकित्सीय प्रमाणीकरण के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गयी। प्रशिक्षण के क्रम में नगर आयुक्त एवं अपर समाहर्त्ता (विशेष कार्यक्रम) द्वारा जन्म-मृत्यु निबंधन संबंधी तकनीकि पहलुओं पर आवश्यक मार्ग-निर्देश दिया गया। प्रशिक्षण में नगर आयुक्त, आरा नगर निगम, आरा, अपर समाहर्त्ता (विशेष कार्यक्रम), असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, भोजपुर के प्रतिनिधि, अनुमंडल पदाधिकारी, आरा सदर, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-अपर जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु), भोजपुर, सभी कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्, पीरो, जिले में पदस्थापित सभी सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, भोजपुर एवं उपाधीक्षक-सह-रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु), सदर अस्पताल, आरा, अनुमंडल अस्पताल, जगदीशपुर उपस्थित थे। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, भोजपुर द्वारा जिले के सभी उपस्थित निबंधक (जन्म-मृत्यु) को अभिभावकों द्वारा बच्चों का दुबारा / दोहरे जन्म प्रमाण पत्र बनवाने संबंधी रोक के लिये आवश्यक कदम उठाने हेतु तकनीकि जानकारी दी गयी।
