सासंद सुदामा प्रसाद ने दरभंगा एम्स के निर्माण व पटना के विस्तार के लिए सदन में उठाई आवाज।
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)08 दिसम्बर।लोकसभा के शीतकालीन सत्र में आज आरा सासंद सुदामा प्रसाद ने बिहार व खासकर शाहबाद के लोगों के स्वास्थय से जुड़े मुद्दे को उठाया। वे शून्यकाल में दरभंगा में एम्स निर्माण में हो रही देरी और पटना एम्स के मुद्दे पर कहा कि दरभंगा एम्स के निर्माण और पटना एम्स के विस्तार में हो रही लंबी देरी बिहार में एक गंभीर सार्वजनिक चिंता का विषय बन गई है। लगभग एक दशक पहले क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे को बदलने के वादे के साथ घोषित की गई ये दोनों परियोजनाएं अपेक्षित गति से आगे बढ़ने में विफल रही हैं।
उन्होंने कहा कि दरभंगा एम्स, जिसकी परिकल्पना उत्तर बिहार के उपेक्षित जिलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए की गई थी, लगातार प्रशासनिक बाधाओं, भूमि विवादों और परियोजना के डिजाइन तथा स्थान में बार-बार बदलाव का सामना कर रहा है। नतीजतन, कुछ ही दिन पहले केवल चारदीवारी और प्रवेश द्वार ही दिखाई दे रहे थे, लेकिन क्या यह पर्याप्त है?
आगे उन्होंने कहा कि इसी तरह, पटना एम्स के विस्तार की योजना—जिसका उद्देश्य बिस्तरों की क्षमता बढ़ाना, सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं में सुधार करना और अनुसंधान सुविधाओं को मजबूत करना है—धन की देरी, धीमी निविदा प्रक्रियाओं और केंद्र तथा राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी के कारण रुकी हुई है। यह ठहराव लाखों लोगों के स्वास्थ्य देखभाल आवश्यकताओं को कमजोर करता है, खासकर बिहार में, जिसे बार-बार आने वाले सार्वजनिक स्वास्थ्य संकटों के मद्देनजर तत्काल उन्नत चिकित्सा बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है।
जो भी मरीज जाते हैं भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद आदि आदि जिलों से रेफर होकर उन्हे बिस्तर नहीं होने का हवाला देकर अस्पताल प्रशासन मरीजों को इलाज के बिना ही लौटा देता हैं।
उन्होंने मरीजों के इलाज हेतु सरकार से दरभंगा में निर्माणाधीन और पटना एम्स विस्तार को अतिशीघ्र पूरा करने की मांग किया
उक्त जानकारी सांसद के निजी सचिव चन्दन कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताई।

