हेल्थ इंस्टिच्युट में विश्व विकालांग दिवस समारोह का हुआ आयोजन।
RKTV NEWS/पटना(बिहार )06 दिसम्बर । बिहार सरकार में तीन नए विभागों, ‘युवा, रोज़गार एवं कौशल विकास’, ‘उच्च शिक्षा’ तथा ‘नागर विमानन’ को सृजित करने की घोषणा कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रशंसनीय कार्य किया है। इससे प्रदेश में रोज़गार सुनिश्चत करने में सरकार की सक्षमता बढ़ेगी। किंतु मुख्यमंत्री का ध्यान दिव्यांग जनों को सक्षम बनाने के प्रयासों की ओर भी जाना चाहिए, जिसके लिए एक अलग से विभाग का सृजन अपेक्षित है। इसकी मांग वर्षों से की जा रही है। इसके अभाव में दिव्यांगजनों का सम्यक् पुनर्वास संभव नहीं है।
यह बातें शनिवार को बेउर स्थित इंडियन इंस्टिच्युट ऑफ हेल्थ एडुकेशन ऐंड रिसर्च में आयोजित विश्व विकलांग दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए, संस्थान के निदेशक-प्रमुख डा अनिल सुलभ ने कही।
उन्होंने कहा कि विशेष-बच्चों और व्यक्तियों के पुनर्वास-विज्ञान में व्यापक तकनीकी विकास हुए हैं। आज लकवा के रोगी पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। कृत्रिम पैर लगाकर और कैलिपर पहन कर पैरों से विकालांग चल-दौड़ सकते हैं। गूँगे-बहरे सुन-बोल सकते हैं। हकलाने-तुतलाने बाले स्पष्ट बोल सकते हैं। आज से तीस-पैंतीस साल पहले इसकी कल्पना भी नहीं की जाती थी। राज्य में बड़ी संख्या में इन रोगों से पीड़ित लोग हैं, पर उनका वैज्ञानिक ढंग से मूल्यांकन नहीं किया जा रहा है। एक अलग विभाग होने से पुनर्वास कार्यक्रमों को सुनिश्चित करना सरल हो जाएगा।
समारोह की विशिष्ट अतिथि और विशेष विद्यालय ‘आशा-स्कूल’, दानापुर छावनी की प्राचार्या कल्पना झा ने संस्थान के विद्यार्थियों का मार्ग-दर्शन करते हुए कहा कि विशेष-वच्चों और दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति सहजतापूर्ण और सद्भावपूर्ण व्यवहार आवश्यक है। ऐसे लोगों को यह नहीं लगना चाहिए कि उन्हें अलग दृष्टि से देखा जाता है। सहज और सामान्य व्यवहार से मन की हीन भावनाएँ निकल जाती हैं, जो उनके आत्म-विश्वास के लिए आवश्यक है।
संस्थान के फ़िज़ियोथेरापी विभाग की अध्यक्ष डा रूपाली भोवाल, प्रो संजीत कुमार तथा डा नवनीत कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अतिथियों का स्वागत और मंच का संचालन डा संतोष कुमार सिंह ने तथा धन्यवाद-ज्ञापन संस्थान के छात्र-कल्याण के संकायाध्यक्ष अधिवक्ता अहसास मणिकान्त ने किया। इस अवसर डा आदित्य कुमार ओझा, प्रो मधुमाला, प्रो चंद्रा आभा, प्रो देवराज, डा शौर्या साह, प्रो शालिनी कुमारी तथा बेबी कुमारी समेत बड़ी संख्या में संस्थान के शिक्षक और छात्रगण उपस्थित थे।

