
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)04 दिसंबर।महान स्वतंत्रता सेनानी और स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद की जयंती पर बुधवार को आयकर चौराहा स्थित हीमोफीलिया भवन में अखिल भारतीय जनसंघ द्वारा कार्यक्रम तथा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई। अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार पाण्डेय ने की। इस अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता बोलते हुए अखिल भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य डॉ भारतभूषण पाण्डेय ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम तथा बाद में स्वतंत्र भारत की राजनीति को उचित दिशा प्रदान करने में बिहार और डॉ राजेन्द्र प्रसाद जी का अप्रतिम योगदान है।उनकी असाधारण प्रतिभा,महामेधा, समाज के प्रति पूर्ण समर्पण और भारतमाता की अनन्य आराधना आनेवाली पीढ़ियों को अनुप्राणित करनेवाली है।उनकी हिन्दी सेवा का विशेष उल्लेख करते हुए जनसंघ अध्यक्ष ने कहा कि आज तुच्छ सत्ता-सुविधा के लिए देश और मातृभाषा से भी वैर करनेवाली राजनीतिक पीढ़ी आ गई है। उन्होंने कहा कि डॉ राजेन्द्र प्रसाद जनसंघ संस्थापक डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी और प्रो बलराज मधोक के विचारों और उनके वक्तृत्व के प्रशंसक थे।आचार्य ने कहा कि आज जनतंत्र को जातितंत्र, धनतंत्र और गनतंत्र अर्थात बाहुबल में परिवर्तित कर दिया गया है। विकास के नाम पर पश्चिमी मॉडल बनाने, जल, जंगल, जमीन, पशुधन, वनस्पति सबका सांकर्य कर बीमार, बेरोजगार और दिशाहीन समाज की संरचना में बढ़ चुके हैं।खेती योग्य भूमि पर अंधाधुंध निर्माण कार्य कर भविष्य की पेयजल और अन्न की चिंता से सर्वथा बेपरवाह हैं।
उन्होंने बिहार सरकार से डॉ राजेन्द्र प्रसाद की जन्मस्थली को राष्ट्रीय स्मारक बनाने, उनके साहित्य और योगदान से नयी पीढ़ी को अवगत कराने ,गोवंश की पूर्ण रक्षा करने व जैविक कृषि को बढ़ावा देने की योजना बनाने को कहा।सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में डॉ राजेन्द्र प्रसाद की जन्मस्थली की उपेक्षा पर क्षोभ व्यक्त करते हुए सरकार से अविलंब राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग की। प्रदेश महासचिव जितेन्द्र दूबे और कार्यसमिति सदस्य रामप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि डॉ राजेन्द्र प्रसाद जैसे महान व्यक्तित्व की दशकों से उपेक्षा बिहार के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। जनसंघ नेताओं ने प्रदेश सरकार से कानून-व्यवस्था तथा सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में विशेष सावधानी बरतने की मांग की। बैठक में डॉ विजय कुमार सिंह,अजय कुमार पाठक, अधिवक्ता मुकेश कुमार, अधिवक्ता सदन कुमार सिन्हा, अधिवक्ता अरविंद कुमार सिन्हा, अभिषेक कुमार,वीरेश कुमार, मृत्युंजय चौधरी,बाल मुकुंद दूबे, कुमार राघवेन्द्र आदि प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे।
